Rajasthan Weather Update : राजस्थान में इस दिन से शुरू होगा बारिश का दौर, सर्द हवा से भीषण ठंड करेगी हाल-बेहाल
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पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में तापमान में गिरावट आई है। कई जिलों में शीतलहर चल रही है, जिससे पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। फतेहपुर में सबसे कम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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Rajasthan Weather Update, 15 November: राजस्थान में इस वर्ष सर्दी ने अपनी कड़ाके की ठंड के साथ समय से काफी पहले दस्तक दे दी है। IMD ने जारी किया अलर्ट…

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी जिलों के लिए 21 से 27 नवंबर तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इस दौरान यदि बारिश होती है, तो तापमान में और तेज गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे शीतलहर का प्रभाव और गहरा हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बर्फबारी का परिणाम है, जो मैदानी इलाकों तक ठंडी हवाओं को पहुंचा रही है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन उत्तरी हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। कई जिलों में शीतलहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पिछले 24 घंटों में ठंड और कोहरे में भारी इजाफा हुआ है।
बाड़मेर में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फतेहपुर (सीकर) में न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। जयपुर सहित पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान 7 से 15 डिग्री के बीच घूम रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है, जबकि कई जिलों में घना कोहरा छाने की आशंका है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी से उत्पन्न ठंडी हवाओं का प्रवाह तेज हो गया है। इससे राजस्थान के मैदानी इलाकों में शुष्क ठंड का दौर जारी है।
विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान के जिलों जैसे कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां में हल्की वर्षा के आसार हैं, जो फसलों और जल स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, लेकिन साथ ही स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ा सकती है। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आईएमडी के निदेशक मनिंदर सिंह ने बताया, “इस समय ला नीना प्रभाव के कारण सर्दी असामान्य रूप से तीव्र हो रही है। लोगों को गर्म कपड़ों का उपयोग करें, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को.” किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं, क्योंकि ठंड से गेहूं और सरसों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
समग्र रूप से, नवंबर का यह मध्य भाग राजस्थानवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून के बाद यह वर्षा एक राहत की तरह हो सकती है, लेकिन ठंड की मार से बचाव ही एकमात्र उपाय है। मौसम विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है और अपडेट जारी करता रहेगा।
कैसा रहा इंदौर में आज(शनिवार) का मौसम
इंदौर में आज (शनिवार) न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। इंदौर में दिन के दौरान तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि रात में यह 14.6 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है।
इंदौर में हवा की गति 7.6 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई है। साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को तापमान 19 डिग्री सेल्सियस, सोमवार को 18.6 डिग्री सेल्सियस, मंगलवार को 18.9 डिग्री सेल्सियस, बुधवार को 19.9 डिग्री सेल्सियस, गुरुवार को 20.4 डिग्री सेल्सियस और शुक्रवार को 20.3 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सूरज सुबह करीब 06:39 AM बजे उदय होगा और शाम को 05:44 PM बजे अस्त होगा।
वायु गुणवत्ता सूचकांक
वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (SAFAR-India) के अनुसार, 0-50 का AQI ‘अच्छा’, 50-100 ‘संतोषजनक’, 100-200 ‘मध्यम’, 200-300 ‘खराब’ माना जाता है, जबकि 300 से ऊपर के स्तर को ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जो संवेदनशील समूहों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिमों का संकेत देता है।
भारत में मौसम का मिजाज
भारत में आमतौर पर पूरे साल अलग-अलग हिस्सों में तापमान और मौसम की स्थिति की एक विस्तृत श्रृंखला का अनुभव होता है। सर्दियों में, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सहित पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है। गर्मियों में, मैदानी इलाकों में तापमान 45-50 डिग्री तक पहुँच जाता है। दक्षिणी राज्यों सहित तटीय क्षेत्रों में, तापमान पूरे साल लगभग 15-30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।
