October 3, 2026

फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर बढ़ी जिज्ञासा, 24 घंटे में इंटरनेट सर्च में 5000% से ज्यादा उछाल

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नई दिल्ली: फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा घटना के बाद दुनिया भर में हो रही है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में दूसरे पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की। इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और आरोपी पायलट से संघर्ष किया। इस कार्रवाई के चलते विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच सकी। घटना के बाद लोग उनकी बहादुरी के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत परिचय के बारे में भी जानकारी हासिल करने में जुट गए हैं। इसका असर इंटरनेट पर होने वाली खोजों में भी दिखाई दिया।

भारत में स्मित मच्छार का नाम तेजी से ट्रेंड करने लगा। उपलब्ध गूगल ट्रेंड्स के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे के भीतर मच्छार के नाम से जुड़े सर्च शब्दों में 5000 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विदेशों में लोगों की रुचि उनके धर्म से जुड़ी जानकारी जानने में दिखाई दी, जहां इससे संबंधित इंटरनेट सर्च में 3000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि बताई गई। वहीं भारत में उनके नाम के साथ जाति से जुड़ी जानकारी जानने की कोशिश ज्यादा दिखाई दी। इस तरह विमान में हुई घटना के बाद कैप्टन की बहादुरी के साथ उनकी व्यक्तिगत पहचान को लेकर भी इंटरनेट पर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई।

स्मित मच्छार शादीशुदा हैं या सिंगल, इसे लेकर भी इंटरनेट पर काफी खोज की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर किए गए दावों के अनुसार उनका जन्म गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के वधवान में हुआ बताया गया है। उनके परिवार का संबंध राजकोट और कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र से भी बताया जाता है। इसी तरह उनके सरनेम को लेकर भी जानकारी सामने आती रही है। गुजरात में मच्छार सरनेम के लोहाना और नागर ब्राह्मण समुदायों में इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस तरह की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी को लेकर इंटरनेट पर मौजूद दावों को उसी रूप में देखा जा रहा है।

घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर सम्मान भी सामने आया है। मुंबई में इस्राइल के महावाणिज्य दूतावास ने उनके सम्मान में एक विशेष बिलबोर्ड लगाया। मुंबई स्थित इस्राइल के महावाणिज्य दूत यानिब रेवाच ने सोशल मीडिया पर बिलबोर्ड की तस्वीर साझा की और कैप्टन की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत को एक नया हीरो मिला है और इस्राइल कैप्टन स्मित मच्छार का नाम कभी नहीं भूलेगा। इस घटना के बाद स्मित मच्छार की पहचान और उनके साहस से जुड़ी जानकारी को लेकर इंटरनेट पर लगातार बढ़ती दिलचस्पी दिखाई दे रही है।

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