कॉपीराइट कारणों से पोस्ट ब्लॉक होने पर सौरव दास ने Meta से मांगा जवाब, सोशल मीडिया दबाव को लेकर सरकार पर निशाना
सौरव दास के मुताबिक, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट की कई पोस्ट लगातार ब्लॉक की जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या Meta किसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई करने से पहले उसकी उचित तरीके से जांच करता है या नहीं। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का सीधा असर उनके अकाउंट की पहुंच पर पड़ रहा है।
सौरव ने इस मामले से जुड़ा एक स्क्रीनशॉट भी एक्स पर साझा किया। स्क्रीनशॉट में बताया गया कि 10 सितंबर को इंस्टाग्राम पर प्रकाशित उनकी एक पोस्ट को कॉपीराइट से जुड़े कारणों के चलते ब्लॉक किया गया। इसी कार्रवाई को लेकर उन्होंने Meta की व्यवस्था और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों की भूमिका को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। सौरव का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूजर्स की शिकायतों और रिपोर्ट पर खुद उचित जांच करनी चाहिए। उनके अनुसार, कंपनियों को किसी सरकारी दबाव में काम नहीं करना चाहिए और प्लेटफॉर्म से जुड़ी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।
इस मामले में सौरव दास ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अकाउंट को लगातार टारगेट किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में सरकार की ओर से किसी खास दबाव का कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है। इसलिए सरकार की ओर से कथित दबाव का आरोप फिलहाल उनके दावे के स्तर पर ही है।
सौरव दास की ओर से उठाए गए सवालों का एक प्रमुख हिस्सा अकाउंट की रीच से भी जुड़ा है। उनका कहना है कि पोस्ट के ब्लॉक होने और हटाए जाने की घटनाओं से उनके अकाउंट की पहुंच में कमी आई है। इसी वजह से उन्होंने Meta की कार्रवाई के तरीके और शिकायतों की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं।
सौरव दास के LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, वह दिल्ली में रहते हैं और खोजी पत्रकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। उन्होंने 2017 में RTI के जरिए जानकारी जुटाना शुरू किया था। उस समय उनकी उम्र 18 साल थी।
बाद में सौरव दास ने पत्रकारिता में काम शुरू किया और वर्ष 2020 से पेशेवर तौर पर लिखना शुरू किया। उनके लेख कानून, सरकार, अदालत, अपराध और व्यवस्था से जुड़े विषयों पर रहे हैं। उनके लेख विभिन्न मीडिया संस्थानों में भी प्रकाशित हुए हैं। इनमें द कारवां, अल जजीरा, द वायर और द हिंदू शामिल हैं।
फिलहाल विवाद का मुख्य केंद्र 10 सितंबर की वह इंस्टाग्राम पोस्ट है, जिसे कॉपीराइट से जुड़े कारणों के चलते ब्लॉक किए जाने की जानकारी स्क्रीनशॉट में सामने आई। सौरव दास ने इस कार्रवाई के साथ अपने अकाउंट की घटती रीच और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
