September 12, 2026

Zomato COD Charges: कैश ऑन डिलीवरी चुनने वाले ग्राहकों से 5 से 20 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क वसूलेगी कंपनी

0
21-1789208477
नई दिल्ली ।ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी यानी COD विकल्प चुनने वाले ग्राहकों के लिए अतिरिक्त शुल्क लागू करना शुरू किया है। अब डिलीवरी के समय नकद भुगतान करने वाले ग्राहकों को ऑर्डर के सामान्य बिल के अलावा 5 से 20 रुपये तक अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है। कंपनी के ऐप पर बिल विवरण में यह राशि ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ के नाम से अलग से दिखाई जा रही है।

यह शुल्क केवल उन ग्राहकों पर लागू हो रहा है, जो ऑनलाइन भुगतान करने के बजाय ऑर्डर की डिलीवरी के समय नकद भुगतान का विकल्प चुनते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ज्यादातर मामलों में यह शुल्क 5 रुपये है। हालांकि, कुछ ऑर्डरों में ग्राहकों से 7 रुपये और कुछ मामलों में 20 रुपये तक भी वसूले गए हैं। शुल्क की राशि अलग-अलग ऑर्डर में अलग हो सकती है।

‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ को जोमैटो के पहले से लागू दूसरे शुल्कों से अलग रखा गया है। ग्राहकों को प्लेटफॉर्म शुल्क के अलावा रेस्तरां की ओर से लिया जाने वाला पैकेजिंग शुल्क और जीएसटी भी देना होता है। ऐसे में कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनने पर कुल बिल में यह अतिरिक्त राशि भी जुड़ रही है। वहीं, ऑनलाइन भुगतान करने वाले ग्राहकों से इस शुल्क की वसूली नहीं की जा रही है।

जोमैटो के लिए यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब कंपनी फूड डिलीवरी कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी आय के नए स्रोतों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी रोजाना करीब 23 लाख से 25 लाख फूड ऑर्डर प्रोसेस करती है। इतने बड़े ऑर्डर वॉल्यूम के बीच प्रति ऑर्डर छोटी अतिरिक्त फीस भी कंपनी के राजस्व पर असर डाल सकती है।

फूड डिलीवरी बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। रैपिडो का फूड डिलीवरी ब्रांड ओनली तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। इसके अलावा फ्लिपकार्ट भी अपने ‘ईट इन’ फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म का परीक्षण कर रहा है। ऐसे माहौल में जोमैटो अपने कारोबार से आय बढ़ाने के लिए भुगतान के तरीके से जुड़े शुल्क का इस्तेमाल कर रही है।

फूड डिलीवरी कंपनियों ने वर्ष 2023 में पहली बार प्लेटफॉर्म फीस लागू करना शुरू किया था। इसकी शुरुआत स्विगी ने 2 रुपये प्रति ऑर्डर के शुल्क से की थी। इसके बाद जोमैटो ने भी प्लेटफॉर्म फीस लागू की। समय के साथ कंपनी ने इस शुल्क में बढ़ोतरी की और इस वर्ष इसे 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया। इस शुल्क पर जीएसटी अलग से लिया जाता है।

मौजूदा ऑर्डर वॉल्यूम को देखते हुए प्रति ऑर्डर शुल्क में मामूली बढ़ोतरी भी कंपनी के लिए सालाना आधार पर अतिरिक्त आय का जरिया बन सकती है। कैश ऑन डिलीवरी फीस इसी दिशा में एक और कदम है, जिसमें भुगतान के विकल्प के आधार पर ग्राहकों से अलग राशि ली जा रही है।

जोमैटो हाल के महीनों में लागत नियंत्रण और परिचालन ढांचे में बदलाव पर भी काम कर रही है। अगस्त में सामने आई जानकारी के अनुसार, कंपनी ने संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा के बाद करीब 250 कर्मचारियों की छंटनी की थी। इसी प्रक्रिया के तहत हैदराबाद स्थित कस्टमर डिलाइट ऑपरेशंस को बंद करने और बची हुई इन-हाउस ग्राहक सहायता गतिविधियों को गुरुग्राम में एकीकृत करने का फैसला लिया गया था।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *