October 26, 2026

असम में दोषसिद्धि दर में बड़ा सुधार, 2021 के 6.1 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2026 में 30.88 प्रतिशत पहुंची

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नई दिल्ली ।असम में आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि दर पिछले पांच वर्षों के दौरान लगातार बढ़ी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्य में यह दर 2021 में 6.1 प्रतिशत थी, जो सितंबर 2026 तक बढ़कर 30.88 प्रतिशत हो गई। राज्य सरकार ने इस प्रगति का श्रेय बेहतर पुलिस जांच, अभियोजन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाने को दिया है। इस बदलाव को राज्य की आपराधिक न्याय व्यवस्था के प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में साझा किए गए आंकड़ों के जरिए बताया कि असम में दोषसिद्धि दर में हर साल वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 6.1 प्रतिशत था। इसके बाद 2022 में बढ़कर 13.5 प्रतिशत और 2023 में 16.4 प्रतिशत हो गया। वर्ष 2024 में यह दर 22.6 प्रतिशत तक पहुंची, जबकि 2025 में बढ़कर 25.80 प्रतिशत दर्ज की गई। सितंबर 2026 तक इसमें और वृद्धि हुई और यह 30.88 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई।

इन आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से सितंबर 2026 के बीच दोषसिद्धि दर में 24.78 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है। यह अंतर राज्य में दर्ज की गई लगातार वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि, इन आंकड़ों के आधार पर न्याय व्यवस्था के समग्र प्रदर्शन का आकलन करते समय मामलों की प्रकृति और गणना की पद्धति जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि दोषसिद्धि दर में सुधार के पीछे जांच की गुणवत्ता, प्रभावी अभियोजन और अधिक जवाबदेही की भूमिका है। उन्होंने राज्य में आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने और अपराध से जुड़े मामलों में दोषियों को कानून के दायरे में लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। सरकार का जोर कानून के प्रभावी पालन और न्याय दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर है।

दोषसिद्धि दर किसी आपराधिक मामले में आरोपी के दोषी ठहराए जाने से संबंधित आंकड़ा है। इसे अक्सर आपराधिक न्याय व्यवस्था के प्रदर्शन का आकलन करने वाले संकेतकों में शामिल किया जाता है। हालांकि, इस दर की व्याख्या करते समय यह समझना जरूरी है कि किन मामलों को आंकड़ों में शामिल किया गया है, मामलों की गिनती किस चरण पर की गई है और संबंधित आंकड़े किस पद्धति से तैयार हुए हैं। अलग-अलग राज्यों या अवधियों के आंकड़ों की तुलना में ये अंतर महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

असम में दोषसिद्धि दर में हुई वृद्धि के संदर्भ में पुलिस जांच और अभियोजन की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसी आपराधिक मामले में साक्ष्य जुटाने, जांच पूरी करने और अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखने की प्रक्रिया न्यायिक परिणाम को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में जांच एजेंसियों और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना आपराधिक न्याय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़े 2021 से सितंबर 2026 तक दोषसिद्धि दर में बढ़ोतरी का क्रम दिखाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस प्रगति को कानून लागू करने और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से जोड़ा है। आने वाले समय में इन आंकड़ों का व्यापक आकलन करने के लिए मामलों की श्रेणियों, निपटारे की स्थिति और गणना के आधार जैसी जानकारियां भी उपयोगी होंगी।

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