March 10, 2026

शशि थरूर ने कांग्रेस में नाराजगी की चर्चाओं पर विराम लगाया, राहुल गांधी और खरगे से मुलाकात

0
1769681100

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी में मतभेद और नाराजगी की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पद की दौड़ में नहीं हैं और अपनी भूमिका से पूरी तरह संतुष्ट हैं। संसद के नए सत्र की शुरुआत के दौरान थरूर ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। यह बैठक पार्टी में चल रही अटकलों को शांत करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस में अंदरूनी असहमति की चर्चाओं पर काफी हद तक विराम लग गया है।

राहुल गांधी और खरगे से लंबी बातचीत

गुरुवार को संसद परिसर में हुई बैठक मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में थरूर ने कहा कि वे संसद जा रहे हैं, इसमें कोई नई बात नहीं है कि वे अपने ही पार्टी नेताओं से मिलें। उन्होंने पार्टी में मतभेद और नाराजगी की अफवाहों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उनका कहना था कि कांग्रेस के भीतर कोई असामान्य स्थिति नहीं है और सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है।

“पार्टी में सब ठीक है”

बैठक के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर साझा की और लिखा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत की। थरूर ने कहा, “हम सब देश की सेवा के लिए एक ही सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।” यह पोस्ट पार्टी के भीतर स्थिति सामान्य और संतुलित रहने का संदेश देती है।

नाराजगी की खबरों की पृष्ठभूमि

कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि तिरुवनंतपुरम से सांसद और कांग्रेस नेतृत्व के बीच असहजता की अफवाहें उड़ीं। यह तब और तेज हुईं जब खबर आई कि थरूर राज्य के कुछ नेताओं से नाराज हैं और कोच्चि में राहुल गांधी द्वारा उन्हें नजरअंदाज किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, थरूर ने कहा कि संसद में वह पार्टी की लाइन से कभी नहीं हटेंगे और अपनी बातें सही मंच पर रखेंगे। उन्होंने मीडिया से कहा कि चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर थरूर का रुख

केरल लिटरेचर फेस्टिवल में शशि थरूर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अपने पुराने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में अपने रुख पर पूरी तरह कायम हैं। थरूर ने याद दिलाया कि उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्त कार्रवाई का समर्थन किया था और हमेशा इसका पूर्ण समर्थन करते रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पद के उम्मीदवार नहीं हैं, पार्टी के लिए लगातार प्रचार कर रहे हैं और पूरी तरह संतुष्ट हैं।

शशि थरूर की राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात और उनके स्पष्ट बयान से कांग्रेस में चल रही मतभेद और नाराजगी की अफवाहों पर विराम लग गया है। थरूर ने खुद को पार्टी में संतुष्ट बताते हुए यह संदेश दिया कि पार्टी की एकता और देश की सेवा उनकी प्राथमिकता है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *