September 5, 2026

चंपत राय से हुई पहचान की चूक? राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव ने बताई गलती, अब व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव

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उत्तर प्रदेश। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज ने मंदिर की व्यवस्था और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने पूर्व महासचिव चंपत राय के कामकाज और व्यक्तित्व पर भी अपनी राय रखी। गोविंद देव गिरि ने कहा कि उनके अनुभव के आधार पर चंपत राय बेदाग और निष्कलंक व्यक्ति हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि उनका भोलापन उनके लिए परेशानी का कारण बना और सब पर विश्वास करने की वजह से लोगों को पहचानने में उनसे चूक हुई। उनके मुताबिक ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में कुछ कमियां रही हैं और इन्हीं कमियों को दूर करने की जरूरत है।

चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर गोविंद देव गिरि ने साफ कहा कि यदि घटना हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और चोरी करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को जिस तरह सामने रखा गया उस पर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में किसी संभावित षड्यंत्र की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की गुंजाइश खत्म करने के लिए व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाएगा।

महासचिव के रूप में अपनी प्राथमिकताओं को बताते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया। पहला मंदिर को देव सेवा का ऐसा केंद्र बनाना है जिससे देश के दूसरे मंदिर भी प्रेरणा ले सकें। दूसरी प्राथमिकता मंदिर की पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। तीसरी चुनौती अयोध्या के लोगों और मंदिर के बीच संवाद को मजबूत करना है। उनका मानना है कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और अपेक्षाओं को समझकर बेहतर संवाद व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए।

गोविंद देव गिरि इससे पहले ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। महासचिव का पद संभालने के बाद उनकी भूमिका और समय दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण रामलला की सेवा है। सालभर पहले से तय कार्यक्रमों के बीच अयोध्या के लिए समय निकालना चुनौती जरूर है लेकिन उन्होंने इसे अपनी जिम्मेदारी मानकर स्वीकार किया है।

ट्रस्ट में पहली बार निर्मला यादव को महिला ट्रस्टी बनाए जाने पर भी उन्होंने सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को साथ लेकर चलना जरूरी है और निर्मला यादव का शिक्षा क्षेत्र में अनुभव ट्रस्ट के काम आ सकता है। उनकी संस्कृत और हिंदी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए काम को भी उन्होंने उपयोगी बताया।

मंदिर में आने वाले चढ़ावे की निगरानी और पारदर्शिता के सवाल पर उन्होंने बताया कि कई बैंकों के प्रतिनिधियों ने ट्रस्ट को सुझाव दिए हैं। विचार-विमर्श के बाद नई व्यवस्था तय की जाएगी। उनकी योजना है कि श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर में आने वाले चढ़ावे की जानकारी रोजाना वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए काम चल रहा है और आने वाले समय में व्यवस्थाओं को लगातार अपडेट किया जाएगा।

ट्रस्ट में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO बनाए जाने को लेकर भी उन्होंने भूमिका स्पष्ट की। उनके मुताबिक महासचिव और CEO की जिम्मेदारियां अलग होंगी लेकिन दोनों का लक्ष्य एक ही रहेगा। नीति और निर्णय ट्रस्ट लेगा जबकि उसे जमीन पर लागू कराने की जिम्मेदारी CEO की होगी। ऐसे में दोनों पदों के बीच बेहतर तालमेल को जरूरी माना गया है।

गोविंद देव गिरि ने संकेत दिया कि आने वाले समय में राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाएं अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित दिखाई देंगी। चढ़ावे से लेकर श्रद्धालुओं की संख्या और खर्च से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा। उनका जोर यही है कि राम मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि देशभर के मंदिरों के लिए व्यवस्था और पारदर्शिता का आदर्श भी बने।

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