Cultural Controversy: शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस ने जारी किया पोस्टर, गुरु का अपमान करने वालों के लिए चेतावनी
युवा कांग्रेस नेता ने लगाया होर्डिंग, पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल
कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए इस होर्डिंग को भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने लगवाया है। पोस्टर में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए जाते समय शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ हुए कथित विवाद को दर्शाया गया है। एक ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर है, तो दूसरी ओर बटुकों की शिखा खींचे जाने और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दृश्य को दिखाया गया है।
पोस्टर में श्रीरामचरितमानस की चौपाई- “जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही”- का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसके माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि धार्मिक गुरुओं और परंपराओं के अपमान से समाज में गलत संदेश जाता है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, विपक्ष का सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शंकराचार्य और उनके बटुकों के साथ हुआ व्यवहार धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर भी इसी तरह के पोस्टर लगाए जा चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह साफ माना जा रहा है कि सपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस विवाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खुलकर सामने आ चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
