Bharat: अब सेमीकंडक्टर मशीनें सिर्फ 50 लाख रुपए में बनेगी
– आइसर और निटर मिलकर तैयार कर रहे टेक्नोलॉजी रेडी डिवाइजेस
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भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) और एनआईटीटीटीआर (निटर) ने सेमीकंडक्टर पैकेजिंग एवं डिवाइस निर्माण में मिलकर बड़ा कदम उठाया है। संस्थान एक ऐसी मशीन विकसित कर रहा है, जिसकी कीमत सिर्फ 50 से 60 लाख रुपए होगी। वर्तमान में इस तरह की मशीनें इंडस्ट्री में 15 से 20 करोड़ और लैब उपयोग के लिए 2 से 10 करोड़ रुपए तक में आती हैं। आइसर की यह कम लागत वाली मशीन रिसर्च और विकास कार्यों को नई दिशा देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से भारत को महंगे आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम बढ़ाया जा सकेगा।
अब पैकेजिंग पर भी दिया जा रहा है विशेष ध्यान: निटर के निदेशक प्रो. सीसी त्रिपाठी ने बताया कि सेमीकंडक्टर डिवाइसेज की केवल डिजाइन या रिसर्च तक सीमित रहने के बजाए अब पैकेजिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा अभी तक विश्वविद्यालयों में डिवाइस डिजाइन पर रिसर्च होती थी, लेकिन पैकेजिंग के अभाव में ये तकनीकें कमर्शियल नहीं हो पाती थीं। अब हम टेक्नोलॉजी रेडी डिवाइसेज तैयार कर रहे हैं, जो 6-7 लेयर पैकेजिंग तक जाएंगी, जिससे उनका औद्योगिक उपयोग संभव होगा।
युवाओं को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगा कौशल
भारत सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, असम और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में चिप निर्माण इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इसके तहत करीब देश के 85,000 युवाओं को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। देशभर में कोर्स भी चल रहे हैं। इससे युवाओं को न केवल रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि देश को उच्च तकनीक और सस्ती इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी सुलभ होंगी।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के दाम कम होंगे
आइसर के निदेशक प्रो. गोबर्धन दास के अनुसार इस पहल से शोध और विकास को गति मिलेगी। अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच की दूरी घटेगी, जिससे इनोवेशन सीधे बाजार तक पहुंचेगा। इससे आम लोगों को बेहतर तकनीक, सस्ती इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस प्रोजेक्ट पर कम कर रहे अभिषेक कुमार ने बताया कि कम कीमत के चलते ये मशीनें आम लोगों तक सुलभ हो सकेंगी।
