NEET पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे की जमानत पर फैसला सुरक्षित, CBI ने लगाए गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान मनीषा वाघमारे की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल एक प्रमाणित एजुकेशन काउंसलर हैं और लंबे समय से शैक्षणिक परामर्श का कार्य कर रही हैं। बचाव पक्ष का कहना था कि उनके बैंक खाते में जो रकम जांच एजेंसी संदिग्ध बता रही है, वह पारिवारिक संपत्ति से संबंधित लेनदेन का हिस्सा है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि जांच के दौरान उनके आवास पर कई बार तलाशी ली गई, लेकिन कोई आपत्तिजनक नकदी या ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिससे उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखने की आवश्यकता साबित हो सके।
बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष मनीषा की स्वास्थ्य स्थिति का भी मुद्दा उठाया। बताया गया कि वह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है। वकील ने कहा कि जेल में रहने के दौरान भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इस आधार पर अदालत से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जमानत देने का अनुरोध किया गया।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और जमानत याचिका को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। अदालत ने संकेत दिया कि जेल प्रशासन के पास आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और यदि किसी अतिरिक्त उपचार की जरूरत हो तो उसके लिए अलग से आवेदन किया जा सकता है।
दूसरी ओर केंद्रीय जांच एजेंसी ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। एजेंसी ने दावा किया कि मनीषा वाघमारे की भूमिका केवल शैक्षणिक परामर्श तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह कथित रूप से प्रश्नपत्र से जुड़े सवालों को आगे पहुंचाने की प्रक्रिया में शामिल थीं। जांच एजेंसी के अनुसार उनके खिलाफ ऐसे छात्रों के बयान मौजूद हैं जिन्होंने कथित तौर पर प्रश्न प्राप्त करने के बदले धनराशि देने की बात स्वीकार की है।
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले की जांच में जुटी टीम के पास कई ऐसे तथ्य और बयान हैं जो आरोपी की भूमिका की ओर संकेत करते हैं। एजेंसी का दावा है कि प्रश्नों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने की श्रृंखला में मनीषा की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। इसी आधार पर जमानत का विरोध किया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन करेगी। विशेष रूप से उन छात्रों के बयानों की भी समीक्षा की जाएगी जिनका उल्लेख जांच एजेंसी ने किया है।
NEET पेपर लीक मामला देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक की विश्वसनीयता से जुड़ा होने के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ऐसे में अदालत का आगामी फैसला न केवल इस मामले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इससे जांच की आगे की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।
