‘कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी 21 प्रतिशत टैक्स लगाती थी’
GST रिफॉर्म पर बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जीएसटी रिफॉर्म पर बात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी पर मैंने अपने अपना वादा पूरा किया है। इस बार धनतेरस पर ज्यादा रौनक होगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी अब अधिक सरल और आसान हो गया है। जीएसटी में दो दरें रह गयी हैं- 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत।
व्यापार करने में होगी आसानी
जीएसटी सुधारों की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस फैसले से गरीब, नव मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग की महिलाओं, छात्रों, किसानों और युवाओं को विशेष रूप से लाभ होगा। उन्होंने आगे कहा कि इससे “व्यापार करने में आसानी” होगी और रोजगार एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
निशाना: कांग्रेस पर साधा
GST सुधारों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोई नहीं भूल सकता कि कांग्रेस सरकार ने आपका मासिक बजट कैसे बढ़ाया था। वे बच्चों की टॉफियों पर भी 21% टैक्स लगाते थे अगर मोदी ने ऐसा किया होता, तो वे मेरे बाल नोच लेते।
‘देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी’
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "GST में किए गए सुधारों का सारांश यह है कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में 5 रत्न जुड़ेंगे। GST प्रणाली सरल होगी, भारत के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा, उपभोग और विकास दर में वृद्धि होगी, व्यापार करने में आसानी होगी, निवेश और… pic.twitter.com/aMev4iWi8m
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 4, 2025
उन्होंने कहा कि 8 साल पहले जब GST लागू हुआ था, तो कई दशकों का सपना साकार हुआ था। यह चर्चा मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद शुरू नहीं हुई। ये चर्चाएं पहले भी होती थीं लेकिन कभी कोई काम नहीं हुआ। GST आज़ाद भारत के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में से एक था। दरअसल, ये सुधार देश के लिए समर्थन और विकास की डबल खुराक हैं। एक तरफ़ देश के आम लोगों का पैसा बचेगा, तो दूसरी तरफ़ देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी।
लागू: 22 सितंबर से होगा
पीएम मोदी ने कहा कि 22 सितंबर को यानी नवरात्रि के पहले दिन, अगली पीढ़ी का सुधार लागू होगा क्योंकि ये सभी चीज़ें निश्चित रूप से ‘मातृशक्ति’ से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा- समय पर बदलाव के बिना, हम आज की वैश्विक परिस्थितियों में अपने देश को उसका उचित स्थान नहीं दिला सकते।
