September 14, 2026

मेदांता के नाम पर किडनी डोनेशन का झांसा, फर्जी डॉक्टर बन महिला ने मांगे 3 करोड़, साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

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नई दिल्ली।
गुरुग्राम में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें एक महिला ने खुद को देश के प्रतिष्ठित मेदांता दी मेडिसिटी अस्पताल की डॉक्टर बताकर लोगों को किडनी डोनेशन के बदले तीन करोड़ रुपये देने का झांसा दिया। आरोपी महिला की पहचान प्रिया संतोष के रूप में हुई है जो सोशल मीडिया फर्जी वेबसाइटों और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों से संपर्क कर रही थी। मेदांता अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संजय दुरानी की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने आरोपी महिला और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि आरोपी महिला ने अस्पताल के नाम और लोगो का अवैध इस्तेमाल कर एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। इस वेबसाइट पर दावा किया गया था कि मेदांता अस्पताल को किडनी की सख्त जरूरत है और जो व्यक्ति अपनी किडनी डोनेट करेगा उसे इसके बदले तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी खुद को मेदांता की डॉक्टर बताती थी और फर्जी स्टाफ आईडी भी दिखाती थी।पुलिस के अनुसार यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए जरूरतमंद या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को टारगेट करता था। उन्हें बड़ी रकम का लालच देकर पहले रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे और फिर अलग-अलग बहानों से और रकम मांगी जाती थी। इस ठगी का पर्दाफाश तब हुआ जब एक महिला प्रतीक्षा पुजारी इस जाल में फंस गई।

पीड़िता प्रतीक्षा पुजारी ने बताया कि प्रिया संतोष ने खुद को मेदांता की डॉक्टर बताकर उससे संपर्क किया और किडनी डोनेशन के बदले तीन करोड़ रुपये देने का वादा किया। शुरुआत में उससे पंजीकरण शुल्क के तौर पर आठ हजार रुपये लिए गए। इसके बाद ठगों ने उससे बीस हजार रुपये और जमा करने को कहा। जब महिला को संदेह हुआ तो उसने सीधे मेदांता अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया। यहीं से पूरा मामला उजागर हो गया।अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्पष्ट किया कि प्रिया संतोष नाम की कोई भी डॉक्टर मेदांता में कार्यरत नहीं है और न ही अस्पताल किसी प्रकार के किडनी डोनेशन के बदले पैसे देने जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा दिखाई गई स्टाफ आईडी पूरी तरह फर्जी थी और वेबसाइट भी नकली थी।

मेदांता अस्पताल की ओर से कहा गया है कि यह गिरोह न केवल आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है बल्कि अस्पताल की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और संदिग्ध कॉल वेबसाइट या मैसेज की तुरंत पुलिस को सूचना दें।फिलहाल गुरुग्राम पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी महिला व उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोग सामने आ सकते हैं।

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