कंगना रनौत ने अधिकारियों को दी नसीहत, कहा जनता के पैसे का दुरुपयोग रोककर योजनाओं का लाभ व्यक्ति तक पहुंचाएं
बैठक के दौरान कंगना रनौत ने इस बात पर जोर दिया कि जनता से जुड़े विकास कार्य केवल सरकारी रिकॉर्ड और कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए योजनाओं की नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर प्रगति की समीक्षा जरूरी है।
सांसद ने सरकारी धन के उपयोग को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा गलत हाथों में नहीं जाना चाहिए और किसी भी स्तर पर धन के दुरुपयोग या अनियमितता की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। बैठक में उन्होंने व्यवस्था में निगरानी को मजबूत करने की जरूरत बताई और अधिकारियों से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने को कहा।
कंगना ने अधिकारियों से कहा कि सांसद निधि और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उनके मुताबिक विकास कार्यों की गति के साथ उनकी गुणवत्ता पर भी बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और किसी पात्र व्यक्ति को केवल प्रशासनिक देरी के कारण परेशानी न हो।
बैठक में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा के दौरान सांसद ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की साझा जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से होने वाले हर काम में जवाबदेही जरूरी है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
कंगना रनौत का रुख इस बात पर केंद्रित रहा कि विकास योजनाओं की निगरानी केवल बैठकों तक सीमित न रहे। उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्थिति की जानकारी लेने, लंबित कार्यों की समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने पर ध्यान देने को कहा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने की कोशिश को गति मिल सकती है।
सांसद ने बैठक में यह भी संकेत दिया कि प्रशासनिक स्तर पर काम में ढिलाई को लेकर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ती है। उनका कहना था कि लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनके लिए स्वीकृत धन और योजनाओं का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करने और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
कंगना रनौत इससे पहले भी मंडी की दिशा बैठकों में अधिकारियों के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। अक्टूबर 2025 में हुई बैठक के दौरान भी उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों को गंभीरता से लेने और लापरवाही से बचने की नसीहत दी थी। इस बार की बैठक में भी उनका मुख्य जोर सरकारी योजनाओं की निगरानी, सांसद निधि के प्रभावी इस्तेमाल और प्रशासनिक जवाबदेही पर रहा।
