इंडिगो के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल की IIT कानपुर को 300 करोड़ की मदद, मेडिकल स्कूल और अस्पताल को मिलेगा विस्तार
नई दिल्ली ।आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और इंडिगो के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने अपने संस्थान को 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। यह राशि आईआईटी कानपुर में विकसित किए जा रहे गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के विस्तार और विकास में इस्तेमाल की जाएगी। इससे पहले वर्ष 2022 में गंगवाल ने इसी संस्थान के लिए 100 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। इस तरह मेडिकल स्कूल के लिए उनका कुल योगदान 400 करोड़ रुपये हो जाएगा।
राकेश गंगवाल का आईआईटी कानपुर से पुराना और मजबूत संबंध रहा है। उन्होंने वर्ष 1975 में संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया स्थित व्हार्टन स्कूल से एमबीए किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने विमानन क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और कई बड़ी एयरलाइनों के साथ काम किया।
गंगवाल ने US एयरवेज, एयर फ्रांस और यूनाइटेड एयरलाइंस जैसी कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में वर्ष 2006 में उन्होंने राहुल भाटिया के साथ मिलकर इंटरग्लोब एविएशन की शुरुआत की। इसी कंपनी के जरिए इंडिगो एयरलाइन का संचालन हुआ और भारतीय विमानन क्षेत्र में कंपनी ने तेजी से अपनी पहचान बनाई।
आईआईटी कानपुर में मेडिकल शिक्षा और तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई है। संस्थान ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के साथ चिकित्सा क्षेत्र में शोध, नवाचार और क्लिनिकल सुविधाओं को जोड़ने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम के तौर पर विकसित किया है।
गंगवाल स्कूल की विकास योजना में आईआईटी कानपुर परिसर में 500 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना शामिल है। इसके अलावा 200 बेड वाले कैंसर केयर एवं रिसर्च सेंटर का भी प्रस्ताव है। इन सुविधाओं के जरिए मेडिकल शिक्षा, चिकित्सा अनुसंधान और मरीजों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ आगे बढ़ाने की योजना है।
राकेश गंगवाल की ओर से दी जा रही 300 करोड़ रुपये की नई राशि मैचिंग ग्रांट के तौर पर दी गई है। इसका मतलब है कि संस्थान के विकास के लिए अन्य सहयोगियों की ओर से जुटाए गए योगदान के बराबर गंगवाल ने भी सहयोग दिया है। इससे मेडिकल स्कूल की विकास योजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आईआईटी कानपुर ने वर्ष 2021 में मेडिकल स्कूल स्थापित करने का फैसला लिया था। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग, तकनीक और चिकित्सा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में नई संभावनाएं तैयार करना था। वर्ष 2022 में गंगवाल के 100 करोड़ रुपये के योगदान के बाद इस योजना को महत्वपूर्ण आर्थिक आधार मिला।
गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. अनिल के लालवानी हैं। संस्थान का मानना है कि गंगवाल का योगदान मेडिकल शिक्षा और शोध के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव पैदा कर सकता है। उत्तर प्रदेश में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिहाज से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राकेश गंगवाल का योगदान यह भी दर्शाता है कि किसी प्रतिष्ठित संस्थान के पूर्व छात्र उसके भविष्य के विकास में किस तरह बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। पांच दशक से अधिक समय पहले आईआईटी कानपुर से बीटेक करने वाले गंगवाल अब उसी संस्थान में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ी आर्थिक भागीदारी कर रहे हैं।
