रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक का शक्ति प्रदर्शन, राहुल गांधी की अपील से गरमाई दिल्ली, SIR पर चुनाव आयोग से आर-पार
नई दिल्ली ।दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की महारैली आयोजित की जा रही है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में 19 विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। विपक्ष ने इसे ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का हिस्सा बताते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई करार दिया है।
रैली से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। इसमें प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इसके बाद सभी प्रमुख नेताओं के मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक पैदल मार्च करने की योजना बनाई गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोगों से इस मार्च और महारैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग कनॉट प्लेस पहुंचकर उनके साथ पैदल चलें या सीधे रामलीला मैदान आएं, लेकिन कार्यक्रम में जरूर शामिल हों।
रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा विपक्षी नेताओं की ओर से किया गया है। वहीं, दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों के आने का है। मंच, कुर्सियों और सुरक्षा व्यवस्था के कारण मैदान में 30 से 40 हजार लोगों के बैठने की क्षमता रहने की बात सामने आई है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटकर निगरानी की व्यवस्था की है।
कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेताओं ने रैली को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया। सांसद सुखदेव सिंह भगत ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और उनके आने से होटल, दुकान तथा खानपान से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल सकता है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि निर्धारित समय से पहले ही सुबह 9 बजे से कार्यकर्ताओं का मैदान में पहुंचना शुरू हो गया था। प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल ने भी तैयारियों का जायजा लिया।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति के हित के लिए नहीं, बल्कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने पर नेताओं को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। सीपीआई सांसद पी. संतोष ने भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया।
दूसरी ओर, भाजपा और एनडीए नेताओं ने रैली के आयोजन तथा विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। भाजपा की दिल्ली इकाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी कर INDIA ब्लॉक की रैली को निशाना बनाया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की आदत बन गई है। केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी के नेतृत्व और रैली पर टिप्पणी करते हुए इसे लोकतंत्र तथा संविधान का मजाक बताया।
बिहार में जेडीयू महासचिव श्याम रजक ने 10 लाख लोगों के जुटने के दावे को खोखला बताया। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी रैली के मुद्दों तथा समय पर सवाल उठाए। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने विपक्ष पर व्यापारियों को परेशान करने और लोगों को रैली में लाने के लिए पैसे देने का आरोप लगाया।
रैली के समय को लेकर व्यापारियों की चिंताओं पर भी राजनीतिक बयानबाजी हुई। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने कहा कि त्योहारों के दौरान राजनीतिक आयोजनों से कारोबार प्रभावित हो सकता है। उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी आरोप लगाया कि रैली से व्यापारियों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। इस तरह SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर आयोजित महारैली में विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के साथ भाजपा और एनडीए के विरोधी बयान भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे।
