October 25, 2026

चर्चा में सांसद हनुमान बेनीवाल का परिवार, सरपंच चुनाव में छोटी भाभी ने बड़ी भाभी को हराया

0
photo-5-1-1792903784

नागौर। राजस्थान के पंचायती राज चुनाव में नागौर जिले के बरण गांव का सरपंच चुनाव चर्चा का विषय बन गया है। यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार से जुड़ी दो महिला प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। सांसद की छोटी भाभी राजबाला पत्नी प्रेमसुख बेनीवाल ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि बड़ी भाभी मीरा पत्नी स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल को महज 21 वोट मिले। चुनाव परिणाम के साथ ही हनुमान बेनीवाल के मतदान करने नहीं पहुंचने की बात भी चर्चा में है।

छोटी भाभी को 982 वोट, बड़ी भाभी को मिले 21

बरण गांव में सरपंच पद के लिए छह महिला प्रत्याशी मैदान में थीं। इनमें राजबाला और मीरा के बीच मुकाबले को लेकर खास चर्चा रही। घोषित नतीजों के मुताबिक, राजबाला ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि मीरा को केवल 21 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों को मिले मतों का बड़ा अंतर गांव की चुनावी चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

राजबाला की जीत के बाद सांसद के परिवार में छोटी भाभी की चुनावी सफलता सुर्खियों में आ गई, वहीं मीरा को मिले बेहद कम वोटों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, परिणाम से मतदाताओं के फैसले के पीछे के कारणों का अपने आप निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

राजनीतिक विरासत के बावजूद मीरा को मिले सिर्फ 21 वोट

इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा मीरा को मिले 21 वोटों की हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके पति स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे थे। इसके बावजूद सरपंच पद के चुनाव में मीरा को बहुत कम मत मिले।

दूसरी ओर, राजबाला को 982 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के बीच मतों का यह अंतर स्थानीय चुनावी समीकरणों और मतदाताओं की पसंद को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस अंतर के पीछे क्या वजह रही, इसे लेकर कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

हनुमान बेनीवाल ने नहीं किया मतदान, नाराजगी की चर्चा

चुनाव के दौरान सांसद हनुमान बेनीवाल के मतदान नहीं करने की बात भी चर्चा में रही। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों के चुनाव लड़ने से वह नाराज थे और पारिवारिक राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते थे। यह भी चर्चा है कि उनकी इच्छा थी कि परिवार के सदस्यों के बजाय गांव के अन्य लोग चुनाव मैदान में उतरें।

हालांकि, बेनीवाल के मतदान नहीं करने के पीछे नाराजगी को वजह बताए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में उनका आधिकारिक बयान सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सरपंच चुनाव के नतीजे से बढ़ी चर्चा

बरण गांव का यह चुनाव सरपंच पद की जीत-हार से आगे बढ़कर सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार से जुड़े घटनाक्रम के कारण चर्चा में आ गया है। एक ही परिवार की दो महिला प्रत्याशियों के अलग-अलग नतीजों और सांसद के मतदान नहीं करने की बात ने राजनीतिक हलकों में लोगों का ध्यान खींचा है।

राजबाला की जीत के साथ गांव को नई सरपंच मिली है, जबकि मीरा की हार और दोनों को मिले वोटों के बड़े अंतर पर चर्चा जारी है। राजस्थान में शनिवार को पहले चरण के तहत सरपंच पद के चुनाव हुए थे। मतदान के बाद शाम को मतगणना की गई और नतीजे घोषित कर दिए गए।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *