March 8, 2026

चुनाव आयोग का कड़ा रुख: मतदाता सूची में गड़बड़ी की तो BLOs पर होगी सीधी FIR, ECI ने जारी किए सख्त निर्देश

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नई दिल्ली/कोलकाता। भारत निर्वाचन आयोग ECI ने लोकतंत्र की सबसे बुनियादी इकाई ‘मतदाता सूची’ की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स BLOs द्वारा की गई किसी भी प्रकार की लापरवाही, जानबूझकर की गई गड़बड़ी या निर्देशों की अवहेलना को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, दोषी अधिकारियों के खिलाफ न केवल विभागीय जांच होगी, बल्कि आपराधिक कृत्य पाए जाने पर सीधे FIR भी दर्ज कराई जाएगी।

गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु: क्यों और कैसे होगी कार्रवाई

आयोग ने उन परिस्थितियों को स्पष्ट किया है जिनके तहत BLOs पर गाज गिर सकती है गड़बड़ी के दायरे: मतदाता सूची की सटीकता को प्रभावित करना, ड्यूटी से नदारद रहना, दुर्व्यवहार, चुनाव कानूनों का उल्लंघन या आयोग के आदेशों की जानबूझकर अनदेखी करना। निलंबन और विभागीय जांच: जिला निर्वाचन अधिकारी DEO के पास दोषी BLO को तत्काल निलंबित करने का अधिकार होगा। संबंधित अनुशासनात्मक प्राधिकारी को 6 महीने के भीतर कार्यवाही पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी।

आपराधिक कार्यवाही FIR यदि गड़बड़ी आपराधिक श्रेणी की है, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम RP Act 1950 की धारा 32 के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी CEO की अनुमति से तुरंत FIR दर्ज की जाएगी। निगरानी: CEO को यह अधिकार होगा कि वे स्वयं या DEO की रिपोर्ट पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। अनुशासनात्मक कार्यवाही का अंतिम निर्णय CEO की सहमति के बिना प्रभावी नहीं होगा।

पश्चिम बंगाल: सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद विशेष सतर्कता

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR 2026 के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग बेहद संवेदनशील है। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: 19 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के बाद, बंगाल के CEO मनोज अग्रवाल ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों DM को निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या धांधली को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सुरक्षा और पारदर्शिता: बंगाल में पुनरीक्षण कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपना नाम जुड़वा सकें या संशोधन करा सकें।

BLO की भूमिका का महत्व

एक BLO के पास औसतन 970 मतदाता या लगभग 300 घरों की जिम्मेदारी होती है। जमीनी स्तर पर यही अधिकारी तय करते हैं कि मतदाता सूची कितनी पारदर्शी है। आयोग का मानना है कि यदि नींव BLO स्तर मजबूत और ईमानदार होगी, तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहेगा।

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