November 1, 2026

जेल से रिहा होते ही आजम खान को ED ने किया गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी

0
photo-2-1-1793504710

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। अब एजेंसी रविवार सुबह करीब 10 बजे आजम खान को कोर्ट में पेश कर कस्टडी की मांग करेगी।

दरअसल, ईडी ने आजम खान के खिलाफ 14 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया था। दूसरी ओर, हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई की उम्मीद थी। इसी बीच ईडी की टीम सीआरपीएफ जवानों के साथ रामपुर जेल के बाहर पहुंच गई। जेल से बाहर आते ही टीम ने आजम खान को हिरासत में ले लिया और बाद में गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।

दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से मिली थी राहत

आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने दो पैन कार्ड मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों ने क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल कर दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की थी।

15 अक्टूबर को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने दोनों की जमानत याचिका मंजूर करते हुए सजा निलंबित कर दी। हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग अदालत ने खारिज कर दी थी।

रिहाई के बाद आजम खान ने उठाए सवाल

रामपुर जेल से बाहर आने के बाद आजम खान ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब कहने के लिए क्या बचा है और वह क्या कह सकते हैं। उनके मुताबिक, कानून का अस्तित्व ही खत्म हो गया है।

आजम खान ने सवाल किया, ‘क्या मुस्लिम होने की यही सजा है?’ उन्होंने कहा कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि एक मुस्लिम ने यूनिवर्सिटी बनाई। उन्होंने बच्चों के लिए स्कूल बनाए और क्या यही उनका अपराध है?

ED ने 1,170 करोड़ की संपत्तियां अटैच करने का किया था दावा

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बताया था कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत रामपुर स्थित आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और भवनों को अटैच किया है। एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये है।

ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी फंड का इस्तेमाल निजी यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि आजम खान ने उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और जल निगम में कैबिनेट मंत्री रहते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कथित अनियमितताओं के लिए किया।

वहीं, रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जुलाई में यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ यूनिवर्सिटी की ओर से अपील दायर की गई थी। ईडी ने इस मामले में अगस्त में छापेमारी कर आजम खान से पूछताछ भी की थी।

अखिलेश यादव बोले- वक्त बदलता है तो तख्त भी बदल जाता है

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, ‘आज के हुक्मरानों को याद रहे, जब वक्त बदल जाता है तो तख्त बदल जाता है।’

अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान के खिलाफ मुकदमों की जो साजिश की जा रही है, उसे पूरा देश ही नहीं, बल्कि दुनिया देख रही है। उन्होंने एक उम्रदराज व्यक्ति को बार-बार मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने को बेहद कायराना हरकत बताया।

सपा प्रमुख ने कहा कि सत्ता जिस गलत रवायत को बढ़ावा दे रही है, हवा बदलने पर उसे खुद भी इसका सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब नाइंसाफी हद से गुजर जाती है तो वह जुल्म करने वालों के लिए ही कहर बन जाती है। अखिलेश ने इस पूरी कार्रवाई को बेहद निंदनीय बताया।

इससे पहले अखिलेश यादव ने जेल में आजम खान से मुलाकात की थी। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आजम खान के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। अखिलेश ने यह भी दावा किया था कि उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *