October 29, 2026

नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की जीत, BJP प्रत्याशी को 3271 वोटों से हराया

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नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराकर विधान परिषद की सीट बरकरार रखी। वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि कोहले के खाते में 63,960 मत आए। करीब 41 घंटे तक चली मतगणना के बाद गुरुवार को परिणाम घोषित हुआ।

2020 में पहली बार जीता था चुनाव
अभिजीत वंजारी ने दिसंबर 2020 में पहली बार नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उस समय उन्होंने महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और भाजपा के संदीप जोशी को 18 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लंबे समय तक भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में वंजारी की लगातार दूसरी जीत कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बार उनका मुकाबला भाजपा के सुधाकर कोहले से था। मतगणना के शुरुआती दौर में कोहले ने बढ़त बनाई, लेकिन दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद वंजारी ने जीत दर्ज की।

कौन हैं अभिजीत वंजारी?
अभिजीत वंजारी नागपुर के राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय गोविंदराव मारोतराव वंजारी दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके थे। अभिजीत ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से कला स्नातक (BA) और विधि स्नातक (LLB) की पढ़ाई की है। वह नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट और प्रबंधन परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है। वह अधिवक्ता और शिक्षाविद् के रूप में पहचाने जाते हैं तथा लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
अभिजीत वंजारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह 1998 से 2002 तक महाराष्ट्र प्रदेश एनएसयूआई के महासचिव रहे। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस में सचिव की जिम्मेदारी मिली।

वह कई वर्षों तक नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता भी रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार सहित दूसरे राज्यों में कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं।

वंजारी ने विधानसभा चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। उन्होंने 2005 में दक्षिण नागपुर विधानसभा उपचुनाव और 2014 में पूर्व नागपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों ही मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय
राजनीतिक गतिविधियों के अलावा अभिजीत वंजारी शिक्षा और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हैं। वह नागपुर के अमर सेवा मंडल शिक्षण संस्था के सचिव हैं। यह संस्था विदर्भ क्षेत्र में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कानून, मैनेजमेंट और कला-विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के कॉलेज संचालित करती है।

इसके साथ ही वह गोविंद अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं। गोविंदराव वंजारी फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान अभियान, पौधरोपण और युवा विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

41 घंटे चली मतगणना, दूसरी वरीयता के मतों से पलटा परिणाम
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी और 41 घंटे से अधिक समय तक चली। पहली वरीयता के मतों में भाजपा के सुधाकर कोहले को 60,924 और अभिजीत वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। इस चरण में कोहले 4,294 मतों से आगे थे।

हालांकि, कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए जरूरी मतों का निर्धारित कोटा हासिल नहीं कर सका। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की गई। अंतिम परिणाम में वंजारी को 67,231 और कोहले को 63,960 मत मिले। इस तरह वंजारी ने 3,271 वोटों से जीत हासिल की और नागपुर स्नातक सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

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