बिहार में गंगा के तेज बहाव में मजदूरों से भरी नाव डूबी, 19 ने तैरकर बचाई जान, 2 लापता
हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेज बहाव के बीच नाव अचानक पलटती और देखते ही देखते नदी में समाती दिखाई दे रही है। हादसे के बाद कुछ मजदूर तैरकर बाहर निकले, जबकि मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम ने भी रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला।
किन लोगों की तलाश जारी
चश्मदीद वेदानंद कुमार के मुताबिक, नाव को किनारे लाया जा रहा था, लेकिन तेज धारा उसे फिर बीच नदी में खींच ले गई। इसी दौरान नाव पलट गई। नाव में मजदूरों के अलावा दो मांझी भी मौजूद थे। लापता लोगों की पहचान भागलपुर के लोदीपुर निवासी मजदूर बादल मंडल और नवगछिया के तीनटंगा निवासी मांझी सिकंदर मंडल के रूप में हुई है।
डीएम अलंकृता पांडे ने बताया कि 19 लोगों को बचा लिया गया है और दो की तलाश जारी है। प्रारंभिक तौर पर नदी में भंवर बनने से नाव पलटने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होने के निर्देश के पालन में चूक हुई।
नाव से काम पर रोक, ट्रैक्टर से जारी रहेगा काम
डीएम के मुताबिक, मामले में संबंधित वेंडर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन कॉन्ट्रैक्टर्स की थी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नावों से काम रोक दिया गया है और ट्रैक्टरों के जरिए तटबंध का सुरक्षा कार्य जारी रखा जाएगा।
दो दिन पहले टूटा था तटबंध
राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध दो दिन पहले सुबह करीब 3 बजे टूट गया था। यह स्थान बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास से करीब 300 मीटर दूर है। तटबंध टूटने के बाद मंत्री के आवास समेत आसपास के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया।
तटबंध के टूटे हिस्से को बंद करने और कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने 300 से ज्यादा मजदूरों को लगाया है। बालू की बोरियों, बांस-बल्लियों और हाथी पांव की मदद से नदी के दबाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।
खतरे के निशान से ऊपर गंगा
गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। नदी 33.68 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और जलस्तर 33.95 मीटर तक पहुंच गया है। तेज करंट और जगह-जगह मिट्टी दरकने के कारण तटबंध की मरम्मत में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, फरक्का बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। इससे आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
