September 12, 2026

हरतालिका तीज पर नहीं होगी आखिरी वक्त की भागदौड़, पूजा स्थल, सामग्री और श्रृंगार की तैयारी इस क्रम में करें

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नई दिल्ली । हरतालिका तीज का पर्व व्रत और पूजा के साथ तैयारियों के लिए भी खास माना जाता है। इस दिन घर की साफ-सफाई, पूजा स्थल की सजावट, शिव-पार्वती की प्रतिमा की तैयारी, पूजा की थाली और श्रृंगार से जुड़े कई काम करने होते हैं। यदि इन तैयारियों को आखिरी समय तक टाल दिया जाए तो व्रत के दिन काफी भागदौड़ हो सकती है। ऐसे में जरूरी कामों को पहले से अलग-अलग चरणों में पूरा करने से दिन को व्यवस्थित रखा जा सकता है।

सबसे पहले पूजा स्थल और प्रतिमा की तैयारी कर लें। यदि घर में शिव-पार्वती की पूजा के लिए मिट्टी की प्रतिमा बनाई या रखी जाती है, तो उसे पहले से तैयार करके पूजा की जगह पर सजा दें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर प्रतिमा को व्यवस्थित रखा जा सकता है। पूजा स्थल के आसपास फूलों या रंगोली से हल्की सजावट भी की जा सकती है। इससे पूजा की जगह पहले से तैयार रहेगी और बाद में इस काम के लिए समय नहीं निकालना पड़ेगा।

इसके बाद तीज के लिए पहने जाने वाले कपड़ों और श्रृंगार की सामग्री को एक जगह रख लें। साड़ी या पारंपरिक कपड़ों के साथ चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, गहने और दूसरी जरूरी चीजें पहले से तैयार रखना सुविधाजनक रहेगा। यदि मेहंदी लगानी है तो इसे भी पहले ही लगा लेना बेहतर रहेगा। इससे पूजा के समय तैयार होने की जल्दबाजी से बचा जा सकता है।

पूजा की थाली को भी समय रहते व्यवस्थित कर लेना चाहिए। इसमें फूल, फल, दीपक, धूप, रोली, अक्षत, पान-सुपारी, प्रसाद और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य जरूरी चीजें रखी जा सकती हैं। सारी सामग्री एक साथ रखने और उसे दोबारा जांच लेने से पूजा के दौरान किसी सामान के लिए बार-बार उठने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पूजा की सामग्री तैयार होने के बाद पूजा स्थल को एक बार फिर देख लें। चौकी, प्रतिमा और पूजा की थाली को सही जगह पर रखें। यदि फूलों की सजावट या रंगोली बनानी है तो उसे भी इसी दौरान पूरा किया जा सकता है। इस तरह पूजा शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी रहेंगी।

दिन के आखिर में खुद के श्रृंगार की तैयारी करें। साड़ी के साथ पारंपरिक आभूषण, चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर को तैयार रखें। सभी चीजें पहले से निकालकर रखने पर शाम के समय एक-एक सामान ढूंढने की परेशानी नहीं होगी और आराम से तैयार होने का समय मिल सकेगा।

हरतालिका तीज की तैयारियों को सुबह, दोपहर और शाम के कामों में बांटने से पूरे दिन की भागदौड़ कम की जा सकती है। सुबह घर की सफाई और पूजा सामग्री की तैयारी, इसके बाद पूजा स्थल की सजावट और फिर शाम से पहले श्रृंगार की व्यवस्था पूरी की जा सकती है। इससे पूजा के समय जरूरी कामों का दबाव कम रहेगा।

पूजा की तिथि और मुहूर्त अलग-अलग शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए पूजा के समय के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार जानकारी की पुष्टि करना उचित रहेगा। पहले से तैयारी पूरी रखने से हरतालिका तीज के दिन पूजा और अन्य जरूरी काम व्यवस्थित तरीके से किए जा सकते हैं।

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