E20 के खिलाफ प्रदर्शन से पहले तहसीन पूनावाला नजरबंद, पुलिसवालों को ऑफर किया गन्ने का जूस
पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई वीडियो शेयर किए हैं। इनमें वह पुलिसकर्मियों से सवाल करते नजर आ रहे हैं कि उन्हें जंतर-मंतर जाने से क्यों रोका जा रहा है। वीडियो में एक पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहता नजर आता है कि प्रदर्शन स्थल पर उनके पहुंचने से समर्थक जुट सकते हैं और भीड़ में कुछ गलत लोग शामिल हो सकते हैं। पूनावाला ने इस पर सवाल उठाया कि महज आशंका के आधार पर पुलिस किसी व्यक्ति को घर से बाहर निकलने से कैसे रोक सकती है।
‘मैं हाउस अरेस्ट हूं, कोई दस्तावेज नहीं मिला’
पूनावाला ने इंडिया टुडे डिजिटल से बातचीत में दावा किया कि उनके सिटिजन एडवोकेसी ग्रुप ‘टीम भारत’ ने चीनी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना बनाई थी। उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनके घर पहुंचकर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैं हाउस अरेस्ट हूं। कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है।’ पूनावाला ने पुलिसकर्मियों पर तंज कसते हुए उन्हें गन्ने का जूस भी ऑफर किया। इसका वीडियो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह चीनी और एथेनॉल से जुड़ी नीतियां आगे बढ़ रही हैं, आने वाले समय में गन्ने का जूस भी महंगा हो सकता है।
E20 नीति को लेकर भी विरोध
पूनावाला का विरोध केंद्र सरकार की E20 फ्यूल पॉलिसी को लेकर भी है। इस नीति के तहत पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिलाने का प्रावधान है। पूनावाला का आरोप है कि एथेनॉल और चीनी से जुड़ी नीतियों का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने इन नीतियों को ‘शुगर स्कैम’ और ‘एथेनॉल स्कैम’ बताते हुए दावा किया कि इससे राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के परिवारों को फायदा पहुंच रहा है।
हालांकि, पूनावाला द्वारा साझा किए गए वीडियो में पुलिस की ओर से उन्हें नजरबंदी या हिरासत का कोई लिखित आदेश देते हुए नहीं दिखाया गया है। वीडियो में पुलिसकर्मी उन्हें जंतर-मंतर नहीं जाने की बात कहते हुए संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते नजर आते हैं।
पहले भी पुलिस से हुआ है टकराव
E20 के विरोध को लेकर पूनावाला और दिल्ली पुलिस के बीच पहले भी टकराव हो चुका है। 31 जुलाई को उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम रोड से तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति तक अकेले मार्च और दिनभर की भूख हड़ताल का ऐलान किया था।
इससे पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने संसद तक ‘टीम भारत’ की प्रस्तावित ‘गाड़ी मार्च’ को अनुमति नहीं दी थी। पूनावाला का कहना है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और सरकार की चीनी तथा एथेनॉल नीति पर सवाल उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
