June 29, 2026

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा जल्द होगा शुरू, वडोदरा से मुंबई सिर्फ 4 घंटे में पहुंचेंगे यात्री

0
26-1782735809
नई दिल्ली: देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का वडोदरा-मुंबई सेक्शन 31 अगस्त 2026 तक यातायात के लिए खोले जाने की संभावना है। इस हिस्से के शुरू होने के बाद वडोदरा और मुंबई के बीच यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटकर करीब 4 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर दिया गया है, ताकि एक्सप्रेसवे सुरक्षित और टिकाऊ बन सके।

करीब 1,400 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। यह हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ता है। इस परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसका उद्देश्य दिल्ली और मुंबई के बीच तेज, सुरक्षित और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देना भी है।

वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर का महाराष्ट्र वाला हिस्सा लगभग 157 किलोमीटर लंबा है, जिसका निर्माण करीब 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस सेक्शन को सात निर्माण पैकेजों में विभाजित किया गया है। इनमें से पांच पैकेज का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष दो पैकेज अगस्त के अंत तक पूरे होने की उम्मीद है। इनके चालू होने के बाद इस पूरे सेक्शन पर निर्बाध यातायात संभव हो सकेगा।

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ माल ढुलाई क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद उत्तर भारत से आने वाला माल मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक पहुंचने के लिए भीड़भाड़ वाले मार्गों से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे परिवहन में लगने वाला समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी। इसका सीधा फायदा निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से उत्तर और पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। तेज और आधुनिक परिवहन नेटवर्क देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को भी मजबूत करेगा।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का यह नया सेक्शन केवल यात्रा का समय कम करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के सड़क परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक आधुनिक, तेज और किफायती बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *