May 15, 2026

विचार विमर्श

वात्सल्य पीठ: करुणा, साधना और आत्मोन्नति का दिव्य तीर्थ

-ललित गर्गदिल्ली जैसे महानगर की आपाधापी भागदौड़ और संवेदनहीनता के बीच यदि कोई ऐसा स्थान निर्मित हो जहाँ पहुंचते ही...

मुद्दा : जन भागीदारी से होगा हमारी विरासत का संरक्षण

-प्रदीप कुमार वर्मामिस्र की राजधानी काहिरा के पास गीज़ा पठार पर नील नदी के पश्चिमी तट पर स्थित गीजा के...

चुनौतियों के चक्रव्यूह के बीच खड़ा बिहार का नया ‘सम्राट’

-योगेश कुमार गोयलबिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर...

नारी-आरक्षणः नये भारत का आधार एवं संभावनाओं का शिखर

-ललित गर्गनारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भारत की राजनीति और समाज में जो नई चेतना उभरकर सामने आई है,...

महाशक्ति टकराव और वैश्विक अस्थिरता: क्या दुनिया महाविनाश की ओर बढ़ रही है?

- अशोक कुमार झाआज का विश्व एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ हर दिन के साथ अनिश्चितता और...

डॉ. भीमराव आंबेडकर: बहुआयामी व्यक्तित्व का समग्र परिप्रेक्ष्य

-डॉ. सदानंद दामोदर सप्रेभारतीय इतिहास में कुछ महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी छवि समाज के सामने सीमित रूप में...

हमारे जनप्रतिनिधि और संविधान: जनता की आवाज का प्रतिनिधित्व

डॉ राकेश कुमार आर्य.देश की संसद अर्थात शीर्ष सभा के सभासद कैसे हों ? – इस पर अपना मत व्यक्त...

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर: संविधान निर्माता और सामाजिक क्रांति के नायक..

प्रदीप कुमार वर्माभारतीय संविधान के कुशल शिल्पकार, वंचित एवं दलितों के मसीहा, कुशल राजनीतिक एवं प्रखर समाजशास्त्री, एक समर्पित शिक्षक...

अब नहीं पनपेंगे माओवादी : जरा याद इन्हें भी कर लो

- कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल देश से सशस्त्र माओवादी आतंक का खात्मा हो गया है। लेकिन अर्बन नक्सलियों का माड्यूल अभी...

उपेक्षित आबादी बनाम वैश्विक एजेंडा: असली मुद्दे क्यों ओझल हो रहे हैं?

-कैलाश चन्द्र भारत का सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य जितना विशाल है, उतना ही जटिल भी है। इस जटिलता के बीच आज हमारे...