April 25, 2026

विचार विमर्श

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

-ललित गर्गविश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही...

ऊर्जा संकट से कैसे बाहर निकलें मजदूर ?

- सौरभ वार्ष्णेयआज जब देश ऊर्जा संकट की चुनौती से जूझ रहा है, उसका सबसे गहरा असर समाज के उस...

क्षणिक लोकप्रियता की दौड़ में सिमटता साहित्यिक मूल्य

- डॉ. प्रियंका सौरभडिजिटल युग ने अभिव्यक्ति के स्वरूप को अभूतपूर्व गति और विस्तार दिया है। आज हर व्यक्ति के...

भारत: अस्थिर दुनिया में आत्म निर्भरता जरूरी

- प्रो. महेश चंद गुप्तादुनिया अब अलग-अलग बिखरे देशों का नक्शा मात्र नहीं रही है। यह एक ऐसा तंत्र बन...

वैश्विक भारत : उद्योगों की रफ्तार, अर्थव्यवस्था का विस्तार

- डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ऐसी शक्ति के रूप में उभर रहा है, जिसकी गति,...

नई उम्मीद वाली ‘आप पार्टी’ अपनों के हाशिये पर क्यों ?

- सौरभ वार्ष्णेयआम आदमी पार्टी ने भारतीय राजनीति में एक नई उम्मीद जगाई थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से उपजी...

डीएनटी, एनटी, एसएनटी समुदाय है अदृश्य भारत की पहचान और उम्मीदों का नया द्वार

- कैलाश चन्द्रभारत की स्वाधीनता को 77 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन देश का एक बड़ा हिस्सा आज भी अपनी...

सनातन धर्म: चेतना, परंपरा और लोकसंस्कार

  दीपक कुमार द्विवेदी सनातन धर्म केवल एक आस्था का विषय नहीं बल्कि जीवन की सबसे सूक्ष्म अनुभूति है। यह...

विदेशी निधि से धर्मांतरण : बदल रही है भारत की नीति

- डॉ. मयंक चतुर्वेदीभारत जैसे विविधतापूर्ण और लोकतांत्रिक देश में गैर-सरकारी संगठन सामाजिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण वाहक रहे हैं। शिक्षा,...

राष्ट्रीय चेतना के कवि माखनलाल चतुर्वेदी

- आचार्य ललित मुनिभारत के स्वतंत्रता संग्राम में जब देश की जनता जाग रही थी, तब साहित्य ने एक अनूठी...