वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा, सेंसेक्स 77 हजार के पार पहुंचा, शुरुआती कारोबार में दिखी चौतरफा तेजी
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 683 अंकों की बढ़त के साथ 77,425 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 205 अंक मजबूत होकर 24,168 के करीब कारोबार करता दिखा। प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी का असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक माहौल बना रहा।
बाजार की इस तेजी में सूचना प्रौद्योगिकी और मेटल सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे संबंधित सूचकांक प्रमुख बढ़त वाले सेक्टरों में शामिल रहे। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कमोडिटी क्षेत्र से जुड़े शेयरों ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की। दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में सीमित दबाव देखने को मिला, हालांकि इसका व्यापक बाजार की दिशा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान दर्ज किया गया। बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, सीमेंट और मेटल क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशकों का विश्वास विभिन्न सेक्टरों में व्यापक रूप से बना हुआ है और बाजार की तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी आने और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है। यही कारण है कि बाजार में निवेशकों का विश्वास लगातार बेहतर होता दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का सकारात्मक रुख भी भारतीय बाजार के लिए सहायक साबित हुआ। एशिया के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे। वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बेहतर रुझान का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जिससे शुरुआती कारोबार में खरीदारी का दबदबा बना रहा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले कारोबारी सत्र में सीमित निकासी दर्ज की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में उल्लेखनीय निवेश जारी रखा। घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने विदेशी बिकवाली के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित किया और बाजार को स्थिरता प्रदान की। यही संतुलन शुक्रवार की शुरुआत में भी सकारात्मक माहौल बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेश प्रवाह और कॉरपोरेट परिणामों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि यही कारक निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
