October 2, 2026

Stock Market News, निफ्टी रिकॉर्ड हाई से 15% नीचे, 80% शेयर 50 दिन के औसत से फिसले

0
0-1785398199

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है और अब इसका असर बाजार के बड़े हिस्से में दिखाई देने लगा है। गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे। सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71909.70 अंक पर बंद हुआ जबकि कारोबार के दौरान यह 1187 अंक तक टूट गया और एक साल के निचले स्तर 71292.88 तक पहुंच गया। निफ्टी भी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत गिरकर 22421.95 अंक पर बंद हुआ।

निफ्टी में जारी कमजोरी की एक बड़ी तस्वीर लगातार आठवें हफ्ते की गिरावट से सामने आती है। पिछले नौ हफ्तों में निफ्टी करीब 2156 अंक यानी 8.7 प्रतिशत नीचे आ चुका है। सितंबर महीने में भी निफ्टी में करीब 6.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस साल जनवरी में बनाए गए 26373 अंक के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में मौजूदा स्तर करीब 15 प्रतिशत नीचे है। बाजार में लगातार गिरावट के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि किसी बाजार को मंदी या बियर मार्केट में प्रवेश करने के लिए सामान्य तौर पर रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 20 प्रतिशत गिरावट का तकनीकी पैमाना इस्तेमाल किया जाता है।

इस गिरावट के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 9484.22 करोड़ रुपये की निकासी की। इससे पहले बुधवार को उन्होंने करीब 10148 करोड़ रुपये और मंगलवार को 10743 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इस तरह सिर्फ तीन कारोबारी दिनों में एफआईआई की बिकवाली 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक रही। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से बाजार में खरीदारी का भरोसा प्रभावित हुआ है।

बाजार की कमजोरी केवल कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित नहीं दिखाई दे रही है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के आंकड़ों के अनुसार निफ्टी 500 में करीब 80 प्रतिशत शेयर अपने 50 दिन के औसत भाव से नीचे कारोबार कर रहे हैं। इसका मतलब है कि बाजार में दबाव व्यापक है और कई कंपनियों के शेयरों में निवेशकों को लगातार बिकवाली का सामना करना पड़ रहा है।

तकनीकी स्तर पर भी अब निफ्टी के कुछ महत्वपूर्ण स्तरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। सेबी रजिस्टर्ड शोध विश्लेषक विपिन डिक्सेना के मुताबिक निफ्टी फिलहाल 22400 के आसपास के समर्थन स्तर पर है। यदि यह स्तर टूटता है तो 22200 से 22000 तक दबाव बढ़ने की संभावना बताई गई है। वहीं ऊपर की तरफ 22600 से 22800 के बीच तत्काल प्रतिरोध का क्षेत्र बताया गया है। ये स्तर बाजार की आगे की दिशा समझने के लिए तकनीकी विश्लेषण का हिस्सा हैं और वास्तविक बाजार चाल इससे अलग भी हो सकती है।

बाजार में जारी गिरावट के पीछे विदेशी निकासी के अलावा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई कारक भी निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में बाजार की दिशा केवल एक कारण से तय नहीं होती। आने वाले कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेश का रुख वैश्विक संकेतक और कंपनियों से जुड़े कारोबारी आंकड़े महत्वपूर्ण रहेंगे। निवेशकों के लिए मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच किसी भी फैसले से पहले अपने जोखिम और निवेश अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *