बाजार अस्थिरता के कारण फोनपे ने फिलहाल रोकी आईपीओ लिस्टिंग की तैयारी
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Sameer Nigam ने कहा कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी भारत में सार्वजनिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कंपनी के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक फोनपे के 65 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और इसका डिजिटल भुगतान नेटवर्क देशभर में 4.7 करोड़ से अधिक व्यापारियों तक पहुंच चुका है।
इस बीच कंपनी डिजिटल भुगतान सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नए फीचर भी लॉन्च कर रही है। इसी साल जनवरी में फोनपे पेमेंट गेटवे ने वीजा और मास्टरकार्ड कार्ड लेनदेन के लिए फोनपे पीजी बोल्ट फीचर लॉन्च करने की घोषणा की थी।
यह समाधान डिवाइस टोकनाइजेशन तकनीक का उपयोग करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं और व्यापारी भागीदारों को एक सुरक्षित और तेज इन-ऐप चेकआउट अनुभव मिलता है। इस सुविधा के तहत यूजर्स फोनपे ऐप पर अपने कार्ड को एक बार टोकनाइज कर सकते हैं और बाद में किसी भी जुड़े हुए मर्चेंट प्लेटफॉर्म पर उसी सेव किए गए कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।
इस सिस्टम में सुरक्षित टोकन संवेदनशील कार्ड विवरण की जगह ले लेता है, जिससे उसी डिवाइस पर किए जाने वाले बाद के लेनदेन में बार-बार सीवीवी दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सरल हो जाती है।
फोनपे के मर्चेंट बिजनेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर Yuvraj Singh Shekhawat ने कहा कि वीजा और मास्टरकार्ड के लिए फोनपे पीजी बोल्ट फीचर का लॉन्च लाखों भारतीयों के लिए डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि डिवाइस टोकनाइजेशन के जरिए उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और वन-क्लिक भुगतान का अनुभव मिलेगा, जबकि व्यापारियों को बेहतर सफलता दर और कम ट्रांजैक्शन ड्रॉप-ऑफ के साथ अपने कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
Tags
PhonePe IPO, Sameer Nigam, Digital Payments India, Fintech India, IPO News India
