March 8, 2026

अस्थिर वैश्विक माहौल में भारत का तेज़ी से आगे बढ़ना एक दुर्लभ उदाहरण: कुमार मंगलम बिड़ला

0

नई दिल्ली | आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात के बीच भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूती से आगे बढ़ना एक दुर्लभ और उल्लेखनीय मामला है। ऐसे समय में जब दुनिया राजनीतिक अनिश्चितता, व्यापारिक नियमों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है, भारत आर्थिक स्थिरता का उदाहरण पेश कर रहा है।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की मजबूती

अपने ‘वार्षिक चिंतन’ नोट के सातवें संस्करण में बिड़ला ने कहा कि वैश्विक वातावरण अस्थिर बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार लगातार स्थिर और मजबूत बनी हुई है।

उन्होंने इस नोट को एक व्यक्तिगत अभ्यास बताते हुए कहा कि यह उनके लिए दुनिया, अपने व्यवसाय और अपने बदलते विचारों पर सोचने का एक ‘अनुशासित विराम’ है।

“दुनिया अब भू-राजनीतिक बाजार बन चुकी है”

बिड़ला ने लिखा,

“वैश्विक राजनीति अब निश्चित नियमों से नहीं, बल्कि लगातार बदलती बातचीत और समझौतों से संचालित होती है।”

उन्होंने कहा कि आज की दुनिया एक भू-राजनीतिक बाजार की तरह काम कर रही है, जहां—

ऊर्जा क्षेत्र में आज के साझेदार,

तकनीक के क्षेत्र में सहयोगी न भी हों,

और आज के मित्र, कल समान प्राथमिकताएं साझा न करें।

इससे देशों और कंपनियों के लिए फैसले लेना पहले से कहीं ज्यादा जटिल और कम पूर्वानुमानित हो गया है।

बड़ी आबादी भारत की ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत

कुमार मंगलम बिड़ला के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास यात्रा मजबूत बनी हुई है। इसकी प्रमुख वजहें हैं-

विशाल जनसंख्या

तेज़ी से बढ़ता बुनियादी ढांचा

अर्थव्यवस्था का बढ़ता औपचारिकरण

लोगों और व्यवसायों में बढ़ती महत्वाकांक्षा

उन्होंने कहा,

“ऐसी दुनिया में जहां बड़े पैमाने पर सौदेबाजी हावी है, भारत आकार, विश्वसनीयता और निरंतरता प्रदान करता है।”

भारत के साथ-साथ बढ़ा आदित्य बिड़ला ग्रुप

आदित्य बिड़ला समूह की यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रुप ने भारत की विकास कहानी में केवल लाभार्थी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि एक सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में भी खुद को स्थापित किया है।

उन्होंने कहा,

“समूह का हमेशा यही लक्ष्य रहा है कि वह जिस राष्ट्र की सेवा करता है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े।”

MSME लोन में जबरदस्त बढ़ोतरी

बिड़ला ने पिछले एक दशक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को दिए गए कर्ज में तेज़ वृद्धि पर भी रोशनी डाली।

देश में MSME लोन पिछले 10 वर्षों में तीन गुना बढ़ा

वहीं आदित्य बिड़ला समूह की NBFC लोन बुक

₹17,000 करोड़ से बढ़कर

लगभग ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई

कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति एक दुर्लभ उदाहरण है।
बड़ी आबादी, मजबूत बुनियादी ढांचा और बढ़ती महत्वाकांक्षा भारत की ग्रोथ को लगातार सपोर्ट दे रही है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *