March 12, 2026

बढ़ती डिमांड से मार्केट में कमी, Induction Cooktop क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर हुए आउट ऑफ स्टॉक

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नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के घरेलू बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। संभावित एलपीजी आपूर्ति बाधा की आशंका के बीच देशभर में इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक तेजी से बढ़ गई है। उपभोक्ता भविष्य में गैस सिलेंडर की कमी या कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते वैकल्पिक कुकिंग विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कारण कई शहरों में इंडक्शन चूल्हों की खरीदारी तेजी से बढ़ गई है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इनकी उपलब्धता कम हो गई है।

क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खत्म हुआ स्टॉक
तेजी से बढ़ती मांग का असर क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर साफ देखा जा रहा है। कई शहरों में Blinkit, Zepto, Swiggy Instamart और BigBasket जैसे प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन चूल्हे “आउट ऑफ स्टॉक” हो गए हैं। आमतौर पर ये प्लेटफॉर्म कुछ ही मिनटों में डिलीवरी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण इनके पास उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म हो गया। इससे साफ है कि उपभोक्ता गैस के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों को तेजी से अपना रहे हैं।

ई-कॉमर्स साइट्स पर भी ऑर्डर में भारी उछाल
सिर्फ क्विक-कॉमर्स ही नहीं बल्कि बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ी है। Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों ने भी बिक्री में भारी बढ़ोतरी की पुष्टि की है। अमेजन इंडिया के एक प्रवक्ता के अनुसार पिछले दो दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में 30 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा राइस कुकर और इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर जैसे उपकरणों की मांग भी सामान्य से लगभग चार गुना ज्यादा हो गई है, जबकि एयर फ्रायर और मल्टी-यूज इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है।

कई राज्यों में अचानक बढ़ी मांग
फ्लिपकार्ट के मुताबिक पिछले चार से पांच दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में लगभग चार गुना वृद्धि हुई है। कंपनी ने बताया कि दिल्ली, कोलकाता और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मांग विशेष रूप से तेज रही है। इन इलाकों में उपभोक्ता भविष्य में गैस की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में कमी की आशंका के चलते वैकल्पिक कुकिंग विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता
मांग में आया यह उछाल इस बात का संकेत है कि घरों और छोटे व्यवसायों में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि कई लोग पहले से ही इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरण खरीदकर खुद को संभावित संकट के लिए तैयार करना चाहते हैं।

जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता देने की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी वितरकों से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार और ऊर्जा कंपनियां आपूर्ति की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए पहले से कदम उठा रही हैं।

सरकार ने बढ़ाया एलपीजी उत्पादन
इस बीच Ministry of Petroleum and Natural Gas ने घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। मंत्रालय के अनुसार सरकार ने देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि की है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा 8 मार्च को जारी आदेश में रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संभावित आपूर्ति संकट की स्थिति में भी उपभोक्ताओं को कुकिंग गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

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