Maha Shivaratri: भगवान शिव ने ताड़कासुर राक्षस का अंत कर यहां किया था विश्राम, ये है पूरी कथा
देवभूमि उत्तराखंड में रिखणीखाल मार्ग पर चखुलियाखाल से पांच किमी की दूरी पर स्थित ताड़केश्वर धाम में वैसे तो पूरे सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन माघ मास में महाशिवरात्रि पर्व पर यहां आसपास के गांवों के साथ ही दूरदराज के लोगों की भीड़ जुटती है। समुद्र तल से करीब छह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर को भगवान शिव की विश्राम स्थली कहा जाता है।
स्कंद पुराण के केदारखंड में वर्णित विष गंगा व मधु गंगा उत्तर वाहिनी नदियों का उद्गम स्थल भी ताड़केश्वर धाम में माना गया है। मंदिर परिसर में मौजूद चिमटानुमा व त्रिशूलनुमा देवदार के पेड़ श्रद्धालुओं की आस्था को प्रबल करते हैं। मान्यता है कि ताड़कासुर राक्षस का वध करने के बाद भगवान शिव ने इसी स्थान पर आकर विश्राम किया।
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