Pushya Nakshatra खरीदी योग: पुष्य नक्षत्र में बन रहा मंगल-बुध का दुर्लभ संयोग

दिवाली से पहले खरीदी के लिए 14-15 अक्टूबर को मंगल-पुष्य और बुध-पुष्य संयोग है। यह संयोग भूमि, भवन, वाहन, स्वर्ण, रजत और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की खरीदी के लिए शुभ रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार शुभ योग मंगलवार सुबह 11.10 बजे से बुधवार दोपहर 12.30 तक रहेगा। बुध-पुष्य 15 को दोपहर 12.30 तक रहेगा। सोने-चांदी, आभूषण, बही-खाते, कलम, कंप्यूटर अन्य व्यावसायिक वस्तुओं की खरीदी के लिए शुभ होता है।
व्यापारियों को बड़ी उम्मीद
पुष्य नक्षत्र को लेकर देश के प्रमुख बाजारों, विशेषकर सराफा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा बाजार में विशेष तैयारियां की गई हैं। धनतेरस और दीपावली से पहले इस महामुहूर्त पर व्यापारियों ने तैयारी की है।
शनि और गुरु का प्रभाव
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में नक्षत्रों का विशेष महत्त्व माना गया है। नक्षत्रों की कक्षाएं राशि के सह-गोचर क्रम से जुड़ी होती हैं और इनके अंशों से ही राशि का निर्माण होता है। हालांकि इस विषय में अलग-अलग मत हैं, फिर भी नक्षत्र समूहों और ग्रहों पर उनका प्रभाव महत्त्वपूर्ण होता है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि और उपस्वामी बृहस्पति माने जाते हैं। कुछ मतों में स्वामी बृहस्पति और उपस्वामी शनि बताए गए हैं। कुल मिलाकर पुष्य नक्षत्र पर शनि और गुरु का प्रभाव रहता है
त्रिकोण योग में खरीदी
गुरु से संबंधित वस्तुओं जैसे सोना, बही-खाता, नई पॉलिसी, बैंक में एफडी, नए रेस्टोरेंट, मंडी के सौदे, धान-खाद-बीज का व्यवसाय, पशुओं का आयात, धार्मिक वस्तुएं, रत्न आदि की खरीदी लाभदायक होती है। शनि संबंधी क्षेत्र वाहन, इलेक्ट्रिकल आइटम, बर्तन, कारखाना, दुकान, क्षेत्रों में निवेश शुभ है। शनि-बृहस्पति का केंद्र-त्रिकोण योग शुभ रहेगा।
