March 8, 2026

Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी पर भूल से भी न करें इन चीजों का दान, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

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नई दिल्ली | Jaya Ekadashi 2026 Daan NIyam: जया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा, व्रत और सही चीजों का दान करने से व्यक्ति के जीवन से दुख-कष्ट दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि जया एकादशी के दिन कुछ चीजों का दान करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पूजा का फल कम हो सकता है और भगवान विष्णु अप्रसन्न हो सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि जया एकादशी पर किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।

मांस और शराब से जुड़ी चीजें
जया एकादशी के दिन सात्विकता का विशेष महत्व होता है। इस दिन भूलकर भी मांस, मछली, अंडा या शराब जैसी तामसिक चीजों का दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत की पवित्रता भंग होती है।

काले तिल और लोहे की चीजें
शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन लोहे या उससे निर्मित किसी भी उपकरण का दान नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही काले तिल का दान करने से भी बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये वस्तुएं शनि ग्रह से संबंधित मानी जाती हैं, इसलिए इस दिन इनका दान करने से जीवन में अचानक बाधाएं आ सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा में धीरे-धीरे कमी आने लगती है।

काले रंग की वस्तुएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन काले रंग के कपड़े या अन्य काली वस्तुओं का दान अशुभ माना जाता है। जया एकादशी पर पीले या सफेद रंग की चीजें ही शुभ फल देती हैं।

चमड़े से बनी वस्तुएं
जूते-चप्पल, बेल्ट या कोई भी चमड़े की वस्तु जया एकादशी के दिन दान नहीं करनी चाहिए। यह दिन पूरी तरह सात्विक और शुद्ध माना जाता है।

झूठ, धोखा और गलत कमाई से मिली चीजें
अगर किसी वस्तु को गलत तरीके से कमाया गया हो या उसमें छल-कपट जुड़ा हो, तो उसका दान करने से पुण्य नहीं मिलता। जया एकादशी पर हमेशा साफ मन और ईमानदारी से दान करना चाहिए।

अनाज का दान बिना नियम जाने
कुछ मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन कच्चे अनाज का दान करने से पहले नियम जान लेना जरूरी होता है। बिना जानकारी के अनाज दान करने से लाभ की जगह नुकसान हो सकता है।

जया एकादशी पर क्या करना चाहिए?
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करें, तुलसी को जल चढ़ाएं, जरूरतमंद लोगों को फल, दूध, मिठाई, पीले वस्त्र या धन का दान करें। साथ ही मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने का प्रयास करें।

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