रणबीर की रामायण रिलीज से पहले 10 विवादों में घिरी, साई पल्लवी की कास्टिंग से कैकेयी के लुक तक उठे सवाल
फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर रणबीर कपूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। साल 2011 के एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने मटन, पाया और बीफ पसंद होने की बात कही थी। यह बयान दोबारा चर्चा में आने के बाद कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि बीफ खाने की बात कहने वाले अभिनेता को भगवान राम की भूमिका क्यों दी गई। रणबीर के सात्विक जीवनशैली अपनाने की चर्चा और परिवार के क्रिसमस सेलिब्रेशन के वीडियो सामने आने के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस हुई।
माता सीता के किरदार में साई पल्लवी की कास्टिंग भी विवादों से दूर नहीं रही। उनके लुक, मेकअप, हेयरस्टाइल, हिंदी बोलने के अंदाज और कपड़ों को लेकर लोगों ने अलग-अलग राय रखी। कुछ दर्शकों ने उनके ब्लाउज के डिजाइन और स्टाइलिंग को रामायण के समय के अनुरूप नहीं माना। कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिम्पल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी ऐतिहासिक दौर की हूबहू नकल करने के बजाय माता सीता की अपनी कल्पना को पर्दे पर उतारने की कोशिश की। साई का पुराना इंटरव्यू भी दोबारा वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने हिंसा और राजनीतिक-सैन्य संघर्षों पर अपनी राय रखी थी। इसके बाद कुछ लोगों ने उनकी कास्टिंग पर आपत्ति जताई और बहिष्कार की मांग की।
सीता की भूमिका के लिए करीना कपूर खान का नाम भी सामने आया था। हालांकि, करीना ने इन खबरों को गलत बताते हुए कहा था कि वह फिल्म के लिए कभी पहली पसंद नहीं थीं। इसी तरह लारा दत्ता के कैकेयी वाले लुक पर भी बहस हुई। मरून साड़ी, हरे ब्लाउज और आधुनिक हेयरस्टाइल को कुछ दर्शकों ने त्रेतायुग की रानी के किरदार के अनुरूप नहीं माना।
संगीतकार एआर रहमान और हैंस जिमर के संगीत पर भी सवाल उठे। ‘मंगल रंग’ में सूफी और कव्वाली अंदाज तथा ‘रावण तांडव’ में इलेक्ट्रॉनिक संगीत के इस्तेमाल को लेकर दर्शकों की राय बंटी रही। आलोचनाओं पर रहमान ने कहा कि सभी को खुश करना संभव नहीं है।
फिल्म के प्रमोशनल वीडियो सामने आने के बाद वीएफएक्स को लेकर भी आलोचना हुई। कुछ लोगों ने जंगल के दृश्यों को बनावटी और कंप्यूटर जनरेटेड विजुअल्स को एआई जैसा बताया। रणबीर ने कहा कि दर्शक कई बार मेहनत से तैयार सीजीआई को एआई समझ लेते हैं। निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने भी बताया कि ट्रेलर के समय वीएफएक्स का काम पूरा नहीं हुआ था। यश ने दर्शकों से फिल्म को खुले दिमाग से देखने की अपील की।
कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का रावण को लेकर दिया गया बयान भी विवादित रहा। उन्होंने रावण के कुछ कार्यों के पीछे बहन शूर्पणखा के प्रति प्रेम को वजह बताया था। आलोचना बढ़ने पर उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं था।
फिल्म की स्क्रिप्ट के अधिकारों को लेकर भी कानूनी विवाद सामने आया। अल्लू मंटेना मीडिया वेंचर्स एलएलपी ने स्क्रिप्ट और संबंधित सामग्री पर अधिकार होने का दावा किया था। कंपनी के अनुसार, प्राइम फोकस टेक्नोलॉजीज के साथ अधिकार हासिल करने को लेकर बातचीत अप्रैल 2024 तक अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची थी।
नवंबर 2026 में फिल्म की फुटेज लीक होने का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा। गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित स्क्रीनिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो इंटरनेट पर सामने आए। अदालत ने बिना अनुमति फिल्म की रिकॉर्डिंग, होस्टिंग, वितरण और स्ट्रीमिंग पर अंतरिम रोक लगा दी।
इसके अलावा, धार्मिक संगठनों ने रिलीज से पहले फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराने की मांग की थी। रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने हिंदू संगठनों और रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों के लिए स्क्रीनिंग की मांग की थी। इस मांग के पीछे 2023 में रिलीज हुई ‘आदिपुरुष’ को लेकर हुआ विवाद भी एक वजह बताया गया। इस तरह फिल्म की रिलीज से पहले कुल 10 मुद्दों ने लगातार चर्चा बनाए रखी।
