November 4, 2026

पानी के टैंकरों की हर गतिविधि पर रहेगी तीसरी आंख की नजर, इंदौर के सभी हाईड्रेंट होंगे कैमरों से लैस, MIC ने दी मंजूरी

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भोपाल । मध्य प्रदेश के इंदौर में आगामी गर्मी के मौसम में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए नगर निगम ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार शहर में पानी की सप्लाई करने वाले टैंकरों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए नगर निगम शहर के सभी हाईड्रेंट पर CCTV कैमरे लगाने जा रहा है। इस योजना को लेकर महापौर परिषद यानी MIC में प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। अब आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर जारी किए जाएंगे और इसके बाद अलग-अलग हाईड्रेंट पर कैमरे लगाए जाएंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पानी की बर्बादी रोकना और टैंकरों के जरिए होने वाली सप्लाई में पारदर्शिता बनाए रखना है।

दरअसल गर्मी के मौसम में इंदौर के कई इलाकों में पानी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में जलसंकट की स्थिति बनने पर नगर निगम टैंकरों के माध्यम से अलग-अलग वार्डों में पानी पहुंचाता है। इन टैंकरों को हाईड्रेंट से पानी भरवाया जाता है और फिर निर्धारित क्षेत्रों में सप्लाई की जाती है। नगर निगम आने वाले दिनों में सभी वार्डों में नए हाईड्रेंट भी तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। ऐसे में इन केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाना जरूरी माना जा रहा है ताकि पानी भरने से लेकर उसकी सप्लाई तक पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह पता लगाना आसान होगा कि किस टैंकर ने एक दिन में कितने फेरे लगाए और उसे निर्धारित वार्ड में कितनी बार पानी पहुंचाना था। कैमरों की मदद से यह भी जांच की जा सकेगी कि टैंकर वास्तव में तय स्थान पर पानी पहुंचा रहा है या बीच में किसी अन्य जगह पानी खाली कर रहा है। इससे टैंकरों की आवाजाही और उनके कामकाज का रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिलेगी। नगर निगम यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जिस वार्ड के लिए टैंकर निर्धारित किया गया है वह उसी वार्ड के हाईड्रेंट से पानी भरे और तय क्षेत्र में ही सप्लाई करे।

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू निजी और बाहरी टैंकरों पर नियंत्रण रखना भी है। कई बार ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि निजी टैंकर या दूसरे वार्डों के वाहन भी हाईड्रेंट से पानी भर लेते हैं। इससे संबंधित वार्डों के लिए निर्धारित पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। हालांकि हाईड्रेंट पर निगम कर्मचारियों की तैनाती रहती है लेकिन इसके बावजूद टैंकरों के फेरों में गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे में CCTV कैमरों की निगरानी से इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा हाईड्रेंट से पानी भरते समय होने वाली बर्बादी पर भी नजर रखी जा सकेगी। कई बार पाइप और कनेक्शन से पानी बहने या जरूरत से ज्यादा पानी निकालने के कारण काफी मात्रा में पानी व्यर्थ चला जाता है। कैमरों के जरिए ऐसी गतिविधियों की पहचान करना आसान होगा। इससे नगर निगम अधिकारियों को निगरानी और व्यवस्था में सुधार करने का अवसर मिलेगा।

नगर निगम के जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि पानी के अपव्यय को रोकने और प्रत्येक वार्ड के टैंकरों को संबंधित वार्ड के हाईड्रेंट से ही पानी भरवाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। MIC में प्रस्ताव पास हो चुका है और अब फाइल आगे भेजकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आने वाले समय में शहर के सभी हाईड्रेंट को CCTV कैमरों से कवर करने की योजना है। गर्मी से पहले यह व्यवस्था कितनी तेजी से लागू होती है इस पर शहरवासियों की नजर रहेगी। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो पानी की सप्लाई में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही टैंकरों की मनमानी और पानी की बर्बादी पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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