November 1, 2026

भूमध्य सागर में भारतीय नौसेना की मौजूदगी बढ़ी, आईएनएस त्रिशूल ग्रीस के सूदा बे पहुंचा…

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नई दिल्ली ।
भारतीय नौसेना का गाइडेड मिसाइल से लैस युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल भूमध्य सागर में अपनी तैनाती के तहत 31 अक्टूबर को ग्रीस के सूदा बे बंदरगाह पहुंचा। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत और ग्रीस की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और दोनों देशों के नौसैनिक कर्मियों के बीच पेशेवर संपर्क बढ़ाना है। इस पड़ाव के दौरान कई सैन्य और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

ग्रीस में प्रवास के दौरान आईएनएस त्रिशूल के चालक दल के सदस्य वहां की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और एथेंस स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक गतिविधियों से जुड़े पेशेवर विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही भारतीय और ग्रीक नौसैनिकों को एक-दूसरे के युद्धपोतों का निरीक्षण करने का अवसर मिलेगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के कामकाज, संचालन प्रक्रियाओं और क्षमताओं को समझना है।

इस यात्रा में सैन्य गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक संपर्क को भी महत्व दिया गया है। इसके तहत दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम और आपसी संवाद के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे एक-दूसरे की परंपराओं और कार्यशैली को समझने में मदद मिलेगी। इस तरह बंदरगाह पर होने वाला यह पड़ाव केवल औपचारिक नौसैनिक यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी बनेगा।

आईएनएस त्रिशूल के जवान सूदा बे स्थित नौसैनिक सहायता केंद्र (एनएसए) और नाटो के समुद्री अवरोधन अभियान प्रशिक्षण केंद्र (एनएमआईओटीसी) की सुविधाओं का भी परिचय प्राप्त करेंगे। इन केंद्रों के दौरे के दौरान भारतीय नौसैनिक वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण गतिविधियों को करीब से देख सकेंगे। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित समुद्री प्रशिक्षण और सहायता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी मिलेगी।

यात्रा के दौरान युद्धपोत का चालक दल सूदा बे स्थित युद्ध समाधि स्थल पर भी पहुंचेगा। यहां सैनिकों की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके अलावा आईएनएस त्रिशूल को बंदरगाह पर आम लोगों के अवलोकन के लिए भी खोला जाएगा। इससे स्थानीय नागरिकों को भारतीय नौसेना के युद्धपोत को देखने और उसके बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

ग्रीस पहुंचने से पहले आईएनएस त्रिशूल ब्रिटेन में भी नौसैनिक गतिविधियों का हिस्सा रहा है। भारतीय नौसेना के इस युद्धपोत ने ब्रिटेन की रॉयल नेवी के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास कोंकण-26 में भाग लिया था। इसके लिए आईएनएस त्रिशूल 8 अक्टूबर को ब्रिटेन के प्लायमाउथ बंदरगाह पहुंचा था। यहां 15 अक्टूबर तक दोनों देशों की नौसेनाओं ने संयुक्त अभ्यास किया।

कोंकण-26 के दौरान समुद्र में जहाजों के बीच तालमेल, हवाई गतिविधियों और पानी के नीचे पनडुब्बियों से निपटने से संबंधित परिचालन क्षमताओं का अभ्यास किया गया। इसमें दोनों नौसेनाओं ने अलग-अलग परिस्थितियों में एक साथ काम करने की अपनी क्षमता को परखा। यह वार्षिक अभ्यास भारत और ब्रिटेन के बीच दो दशक से अधिक समय से जारी नौसैनिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

समय के साथ इस अभ्यास का दायरा और जटिलता बढ़ी है। इसमें अब ऐसी गतिविधियां भी शामिल हैं, जिनके तहत दोनों देशों की नौसेनाओं को विभिन्न समुद्री परिस्थितियों में समन्वय के साथ काम करना होता है। ब्रिटेन के बाद ग्रीस में आईएनएस त्रिशूल की मौजूदगी भारतीय नौसेना की अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों और विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है।

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