यूकाडा ने लिया बड़ा फैसला: अब उत्तराखंड में बिना को- पायलट के नहीं उड़ेंगे चार्टर्ड हेलीकॉप्टर
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जानिए क्या है वजह…
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Joshimath Helicopter Crash: UCADA ने हाईलेवल मीटिंग में चार्टर्ड हेलीकॉप्टर उड़ान को लेकर बड़े फैसले लिये हैं।
बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहे हेलीकॉप्टर के जोशीमठ क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने और पायलट समेत छह लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की शनिवार, 31 अक्टूबर को हाईलेवल मीटिंग हुई। मीटिंग में हेली संचालन की सुरक्षा प्रोटोकॉल, मौसम चेतावनी के बावजूद उड़ान की अनुमति, ऑपरेटर की जिम्मेदारी और आगे की जांच पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसके तहत किसी भी चार्टर हेलीकॉप्टर में पायलट के साथ को-पायलट का होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही हर उड़ान के बाद पायलट को अपनी एक रिपोर्ट, युकाडा को भेजनी होगी। ये दोनों बदलाव, 2 नवंबर से लागू हो जाएंगे। बताते चलें कि अभी तक चार्टर्ड हेली सेवाओं में केवल पायलट उड़ान भरते हैं। अब तय किया गया है कि अब पायलट के साथ को-पायलट भी होंगे।
ज्ञात हो कि ट्रांसभारत की जौलीग्रांट एअरपोर्ट से चारधाम चार्टर्ड हेली सेवा के अलावा गुप्तकाशी से केदारनाथ के बीच भी हेली सेवा संचालित होती है। युकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि उड़ान पर रोक लगने के बाद इसके जो भी यात्री बुक हैं, वह दूसरी कंपनियों की हेली सेवाओं में समायोजित किए जाएंगे। बाकी कंपनियों की हेली सेवाएं शनिवार को सुचारु रहीं।
इससे पहले ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:12 बजे बदरीनाथ सिविल हेलीपैड से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। जोशीमठ घाटी के पास पहुंचने के बाद 1:14 बजे हेलीकॉप्टर का रडार ट्रांसमिशन और रेडियो संपर्क कट गया।
इसके बाद चाई गांव के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में पायलट हिमांशु सभरवाल समेत कर्नाटक के पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। सेना, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस की टीमों ने दुर्गम जंगली इलाके में शवों को बरामद किया।
हेलीकॉप्टर क्रैश होने के हादसे के बाद ही तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर मौसम खराब होने के बावजूद उड़ान को आखिर अनुमति कैसे मिल गई? हादसे के असल वजह को जानने के लिए जहां एक ओर जांच की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर, इस हादसे को लेकर हाई लेवल मीटिंग की गई. बैठक के दौरान चारधाम हेली सेवाओं में सुरक्षा निगरानी किस स्तर पर और कैसे सख्त की जाए पर चर्चा की जाएगी। हादसे के बाद UCADA ने एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन के पूरे बेड़े की उड़ान पर रोक लगा दी है।
हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद उसकी जांच के लिए शनिवार को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो और डीजीसीए की टीम, दुर्घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने दुर्घटनास्थल से तमाम जानकारियां जुटाई हैं। साथ ही ब्लैक बॉक्स की भी तलाश की। अभी जांच पूरी न होने के चलते जांच टीम चमोली में ही रुकी हुई है। वहां से लौटने और जांच पूरी करने करने के बाद जांच टीम डीजीसीए को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जिसके बाद ही हेलीकॉप्टर क्रैश होने के पीछे के असल वजहों का पता चल पाएगा।
