October 24, 2026

शिवपुरी में कार्बाइड गन पर पूरी तरह प्रतिबंध, बेचने और चलाने वालों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

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शिवपुरी जिले: में दीपावली से पहले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्बाइड गन के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लोहे, स्टील और पीवीसी पाइप में कैल्शियम कार्बाइड भरकर तेज धमाका करने वाली इन देसी गनों को बच्चों के लिए खतरनाक माना गया है। प्रशासन ने इनके इस्तेमाल से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में कार्बाइड गन की कीमत लगभग 150 से 300 रुपये बताई जा रही है। कम कीमत के कारण बच्चे इन्हें खिलौना समझकर खरीद सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इन उपकरणों से होने वाला तेज धमाका गंभीर चोटों का कारण बन सकता है। इनमें कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पाइप के भीतर गैस बनती है और उसे प्रज्वलित करने पर जोरदार आवाज के साथ विस्फोट जैसा प्रभाव पैदा होता है।

ऐसी गनों से निकलने वाली चिंगारी, पाइप के टुकड़े और तेज धमाके के कारण आंखों, चेहरे और कानों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। अन्य जिलों में इनके इस्तेमाल के दौरान आंखों में गंभीर चोट लगने, चेहरा झुलसने और कान के पर्दे प्रभावित होने जैसी घटनाएं सामने आने की जानकारी दी गई है। इसी तरह की दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए शिवपुरी प्रशासन ने त्योहार से पहले इनकी बिक्री और उपयोग रोकने का निर्णय लिया है।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार शिवपुरी जिले की सीमा में कोई भी व्यक्ति, दुकानदार या संस्था प्रतिबंधित कार्बाइड गन और तेज आवाज वाले अवैध पटाखों का निर्माण, भंडारण, खरीद-बिक्री या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। यह आदेश त्योहारों तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों, तहसीलदारों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को विशेष रूप से पटाखा बाजारों और हार्डवेयर की दुकानों पर निगरानी रखने को कहा गया है। इन दुकानों से पाइप और कार्बाइड जैसी सामग्री उपलब्ध होने की आशंका के कारण जांच को महत्वपूर्ण माना गया है।

आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या दुकानदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित गन बनाने, बेचने, रखने या चलाने के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करना होगा।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी बाजार, दुकान या अन्य स्थान पर कार्बाइड गन की बिक्री होती दिखाई दे अथवा कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल करता मिले, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है। समय पर सूचना मिलने से खतरनाक गतिविधियों को रोकने और संभावित दुर्घटनाओं से बचने में मदद मिल सकती है।

दीपावली के दौरान पटाखों और अन्य विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल के बीच यह प्रतिबंध बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। प्रशासन का उद्देश्य जिले में कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर रोक लगाकर आंखों, चेहरे और कानों को होने वाली संभावित चोटों का जोखिम कम करना तथा त्योहार के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना को रोकना है।

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