October 24, 2026

रग्बी मैच में कर्टिस ग्रेगरी ने विरोधी खिलाड़ी की टांग पर मारी लात, रेड कार्ड मिलने के बाद आजीवन बैन की मांग

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नई दिल्ली । वेल्स में खेले गए सुपर रग्बी सिमरू मुकाबले के दौरान एब्बू वेले के खिलाड़ी कर्टिस ग्रेगरी की एक हरकत विवाद का कारण बन गई। लैंडोवरी के खिलाफ मैच में उन्होंने रक के दौरान विरोधी टीम के खिलाड़ी की टांग पर पैर से हमला कर दिया। घटना के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद रग्बी प्रशंसकों ने ग्रेगरी के व्यवहार की आलोचना की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ प्रशंसकों ने तो उन्हें खेल से आजीवन प्रतिबंधित करने की मांग भी की है।

यह घटना शुक्रवार को लैंडोवरी और एब्बू वेले के बीच खेले गए मुकाबले के 36वें मिनट में हुई। उस समय दोनों टीमों के खिलाड़ी गेंद पर कब्जा हासिल करने के लिए रक की स्थिति में थे। रग्बी में रक तब बनता है, जब गेंद जमीन पर होती है और दोनों टीमों के खिलाड़ी उस पर नियंत्रण पाने के लिए एक-दूसरे के सामने जोर लगाते हैं। इसी दौरान लैंडोवरी के एक खिलाड़ी की टांग बाहर की ओर थी। ग्रेगरी ने उसकी टांग पर पैर से हमला कर दिया। मैदान पर मौजूद लोगों के लिए यह घटना चौंकाने वाली थी।

36वें मिनट में दिखाया गया रेड कार्ड

रेफरी ने घटना को गंभीर मानते हुए कर्टिस ग्रेगरी को सीधे रेड कार्ड दिखाया। रेड कार्ड मिलने का अर्थ है कि खिलाड़ी को मैच से बाहर जाना पड़ता है। इस कार्रवाई के बाद मुकाबले में उनकी भागीदारी समाप्त हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिस खिलाड़ी की टांग को निशाना बनाया गया था, उसे इस घटना में चोट नहीं आई। हालांकि, इस तरह के व्यवहार को लेकर खेल प्रशंसकों के बीच नाराजगी देखने को मिली।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई प्रशंसकों ने इस हरकत को खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे विरोधी खिलाड़ी को गंभीर चोट लग सकती थी। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यदि पैर गलत तरीके से लगता, तो खिलाड़ी के घुटने या टांग को बड़ा नुकसान पहुंच सकता था।

प्रशंसकों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

इस घटना को लेकर कई प्रशंसकों ने ग्रेगरी पर लंबे समय तक प्रतिबंध लगाने की मांग की। कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि ऐसी हरकत करने वाले खिलाड़ी को दोबारा मैदान पर उतरने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। अन्य लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई। प्रशंसकों की मांगों में आजीवन प्रतिबंध की बात भी शामिल रही।

हालांकि, किसी खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला संबंधित खेल अधिकारियों और अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत किया जाता है। उपलब्ध जानकारी में ग्रेगरी के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए प्रशंसकों की मांग को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जा सकता।

खेल भावना और अनुशासन पर फिर चर्चा

रग्बी जैसे शारीरिक संपर्क वाले खेल में खिलाड़ियों के बीच गेंद हासिल करने के दौरान जोरदार टक्कर और संघर्ष देखने को मिलता है। इसके बावजूद मैदान पर खिलाड़ियों से नियमों का पालन करने और विरोधियों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपेक्षा की जाती है। कर्टिस ग्रेगरी की इस घटना ने खेल में अनुशासन और अनुचित शारीरिक व्यवहार को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

फिलहाल इस मामले में सामने आई प्रमुख कार्रवाई रेड कार्ड के रूप में है। प्रशंसकों की ओर से अतिरिक्त सजा की मांग जरूर उठी है, लेकिन आगे किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या प्रतिबंध के बारे में पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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