October 23, 2026

यूपी विधान परिषद चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोपों से गरमाया माहौल, दोपहर 12 बजे तक 24 फीसदी मतदान

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उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव के दौरान शुक्रवार को कई जगह हंगामे और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। मुजफ्फरनगर में राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने समाजवादी पार्टी और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। फतेहपुर में दोनों दलों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। वहीं गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगा है। चुनाव के दौरान फर्जी वोटिंग और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।

मुजफ्फरनगर में विवाद उस समय बढ़ गया जब राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। सपा समर्थकों का आरोप था कि मंत्री वोट डालने के दौरान कई लोगों को लेकर मतदान केंद्र के अंदर गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

फतेहपुर में खागा तहसील क्षेत्र के विजयीपुर ब्लॉक परिसर के बाहर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे हंगामा हुआ। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं पर फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे को दौड़ाकर पीटने लगे। करीब आधे घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। इस घटना ने चुनाव के दौरान सुरक्षा और मतदान केंद्रों के आसपास व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप सामने आया। बताया गया कि वह मतदान केंद्र के बाहर मीडिया को बयान दे रहे थे। इसी दौरान उनके साथ विवाद हुआ। उधर अलीगढ़ में राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर के मतदान केंद्र के अंदर जाने को लेकर सपा समर्थकों और एजेंटों ने आपत्ति जताई। यहां भाजपा प्रत्याशी के एजेंट बनकर पहुंचे दो युवकों को पकड़े जाने की भी जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं को लेकर संबंधित पक्षों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

वाराणसी में मछलीशहर से सपा विधायक रागिनी सोनकर ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस पर धमकी देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि स्कूलों की मान्यता रद्द करने और शिक्षकों की नौकरी खत्म करने जैसी बातें कही जा रही हैं। दूसरी ओर इटावा के सैफई में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पत्नी सरला यादव के साथ मतदान किया। उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और कुछ मतदाताओं के वोट नहीं पड़ पाने का मुद्दा उठाया। शिवपाल ने कहा कि जहां भी अनियमितता हुई है वहां जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान को भी अनुशासनहीनता के दायरे में बताया और कहा कि इस पर फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक खंड की छह और स्नातक खंड की पांच सीटों पर कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन सीटों के लिए 14.28 लाख मतदाता पंजीकृत हैं और मतदान कराने के लिए 2697 केंद्र बनाए गए हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक 24.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बरेली-मुरादाबाद क्षेत्र में मतदान का स्तर अपेक्षाकृत अधिक बताया गया जबकि लखनऊ और वाराणसी समेत कई क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत इससे कम रहा। मतदान शाम चार बजे तक निर्धारित है और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। कानपुर कानपुर देहात और उन्नाव में इस चरण में मतदान नहीं हो रहा है। इन क्षेत्रों में चुनाव वर्ष 2029 में प्रस्तावित है। चुनावी प्रक्रिया के बीच सामने आए विवादों के कारण अब प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।

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