कोटाबाग से शुरू हुई ‘एक युद्ध नशा विरुद्ध’ पदयात्रा, गुंजन तिवारी की पहल पर उमड़ा जनसैलाब
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100 से ज्यादा लोग तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे, नशे के खिलाफ गूंजा उत्तराखंड का संकल्प
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परम पूज्य श्री कपिल देव जी व्यास जी ने दिया आशीर्वाद: नशा उन्मूलन के लिए कोटाबाग में उठी जन-जागरूकता की आवाज
Kaladhungi/Haldwani: समाज को नशे के घातक दुष्प्रभावों से बचाने और युवाओं को सही दिशा देने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को बजुनिया हल्दू, कोटाबाग से एक भव्य ‘एक युद्ध नशा विरुद्ध पदयात्रा’ का शुभारंभ किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता गुंजन तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस पदयात्रा में क्षेत्रवासियों का भारी उत्साह देखने को मिला।
श्री कपिल देव जी व्यास जी का मिला आशीर्वाद
रैली में पहुंचे श्री कपिल देव जी व्यास जी ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “यह पदयात्रा नशा उन्मूलन के लिए एक बहुत ही सराहनीय प्रयास है। देश को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसी जन-जागरूकता अति आवश्यक है। नशा पूरे समाज को खराब करता है और देश को बर्बाद करता है। इसके खिलाफ निरंतर प्रयास होने चाहिए ताकि इसे जड़ से मिटाया जा सके। पिछले कई सालों से इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही थी, ऐसे में गुंजन तिवारी द्वारा की गई यह पहल सचमुच बहुत सराहनीय है। मैं स्वयं उनके साथ खड़ा हूँ और उन्हें सहृदय आशीर्वाद देता हूँ। यह कदम कई लोगों का जीवन सुधारने का काम करेगा।”
रैली की शुरुआत से पूर्व कपिल महाराज जी ने उपस्थित अपार जनसमूह से ‘जय गोलज्यू महाराज’ का जयकारा लगवाया और सभी को शांतिपूर्ण व सफल यात्रा के लिए आशीर्वाद दिया।
कारगिल रेस विजेता उत्तराखंड की बेटी पूजा बिष्ट भी पहुंचीं

इस कार्यक्रम में कारगिल में आयोजित सूर्या स्पीति रन मैराथन उत्तराखंड की बेटी पूजा बिष्ट भी शामिल हुईं, जिनके सपने को पूर्ण करने के लिए गुंजन तिवारी ने हर संभव आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया था। पूजा बिष्ट का स्वयं कहना था कि उंन्होंने तिवारी के सहयोग के बल पर ही कारगिल में हुई प्रसिद्ध रेस में जीत हासिल की थी।
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पदयात्रा में शामिल होने पहुंची पूजा बिष्ट ने भावुक होते हुए कहा कि वह केवल और केवल इस कार्यक्रम के लिए यहां आई हैं। उन्होंने कहा, “तिवारी सर ने मेरा इतना सहयोग किया है कि जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती थी। मैं आज जिस मुकाम पर हूँ, उसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है।”
“गैर-राजनीतिक है यह अभियान, खेल की ओर मोड़ें युवा अपनी ऊर्जा”: गुंजन तिवारी
पदयात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए गुंजन तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक गैर-राजनीतिक सामाजिक कार्यक्रम है।

उन्होंने कहा कि “इस पदयात्रा का हमारा मकसद जनता, बच्चों और युवाओं को जागरूक करना है, ताकि वे इससे दूर रहे और समझ सके कि नशा उनके लिए कितना भयानक है। इससे बने-बनाए परिवार तक तबाह हो जाते हैं। हमारी अपील है कि युवा अपनी ऊर्जा को नशे की ओर गंवाने के बजाय खेल-कूद और राष्ट्र निर्माण की ओर मोड़ें।”
कानून-व्यवस्था और नियमों के पालन की सख्त हिदायत
संवाद के दौरान गुंजन तिवारी ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि यात्रा के दौरान पूर्ण अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन के हर निर्देश का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा। पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी। सड़क पर कोई भी इस तरह नहीं चलेगा जिससे दुर्घटना की स्थिति बने। नियम और कायदों के तहत ही यह जनजागरण अभियान आगे बढ़ेगा।

देशभक्ति के तरानों के साथ ली गई ‘नशा न करने’ की शपथ
पदयात्रा की शुरुआत से पूर्व उपस्थित सभी लोगों को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई:
शपथ: “मैं शपथ लेता/लेती हूँ कि मैं कभी नशा नहीं करूँगा/करूँगी। यदि मेरे समूह या आसपास कोई नशा करता है, तो मैं उसे इसके बुरे असर के बारे में बताऊँगा/बताऊँगी और नशा छुड़ाने का प्रयास करूँगा/करूँगी। मैं किसी भी स्तर पर किसी अन्य व्यक्ति को नशे के लिए बढ़ावा नहीं दूँगा/दूँगी और स्वयं भी जीवनभर नशे से दूर रहूँगा/रहूँगी।”
शपथ के उपरांत जैसे ही पदयात्रा आगे बढ़ी, माहौल देशभक्ति के गीतों से गूंज उठा। “हम जिएंगे और मरेंगे ए वतन तेरे लिए, दिल दिया है जां भी देंगे ए वतन तेरे लिए” जैसे गीतों के साथ लोग हाथों में तिरंगा और झंडे लेकर रैली के वाहनों के पीछे चले। पदयात्रा में लगभग 40 से 50 से अधिक तिरंगे लहरा रहे थे।
उम्मीद से दोगुना उमड़ा जनसैलाब

बिजनी हल्दू (बलुनिया हल्दू) से शुरू हुई इस यात्रा में आयोजकों को 40 से 50 लोगों के जुड़ने की उम्मीद थी, लेकिन जनसैलाब उम्मीद से कहीं अधिक उमड़ा:
* सुबह जहाँ लोगों को 9:00 बजे एकत्र होने के लिए कहा गया था, वहीं करीब 8:00 बजे से ही कुछ लोगों का जुटना शुरू हो गया था।
* लगभग 9:45 बजे जब यात्रा अपने प्रस्थान बिंदु से रवाना हुई, तब शुरुआती चरण में ही 100 से 125 से अधिक लोग इसमें शामिल हो चुके थे।
* जैसे-जैसे यह पदयात्रा कोटाबाग के अन्य गांवों से होकर गुजरेगी, इसमें सैकड़ों और ग्रामीण व युवा जुड़ते चले जाएंगे।

आज यह पदयात्रा बजुनिया हल्दू से शुरु होने के बाद मयारामपुर कोटाबाग तक जाएगी, फिर रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार यानी 23अक्टूबर को पुन: सुबह यहां से चलेगी और फिर धमौला पर विश्राम करेगी। 24 अक्टूबर को धमौला से चकलुआ तक जाएगी और फिर पदयात्रा के आखिरी दिन यानी 25 अक्टूबर को इस यात्रा का दोपहर में- श्री रघुनाथ बैंक्वेट हॉल, कमलुवागांजा रोड पर समापन होगा।
