अल्बानिया में PM एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फेंके पेट्रोल बम
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार में कथित भ्रष्टाचार, रोजगार के सीमित अवसरों और शिक्षा के खराब स्तर को लेकर लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाने, दुकानों के शीशे तोड़ने और सड़कों से पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंकने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।
13 अक्टूबर से शुरू हुई हिंसा, 17 अक्टूबर को प्रदर्शन तेज
रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की शुरुआत 13 अक्टूबर को हुई थी। इसके बाद 17 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया। उस दिन हजारों लोग शिक्षा मंत्रालय के बाहर जमा हुए और दंगा रोधी पुलिस पर पत्थर फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।
मंगलवार रात भी तिराना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंके। पुलिस ने वाटर कैनन के जरिए भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। लगातार जारी हिंसा ने सरकार के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।
2013 से सत्ता में हैं एडी रामा, चौथी बार संभाली सरकार
प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा यह आंदोलन उनके राजनीतिक कार्यकाल की बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है। रामा वर्ष 2013 से सत्ता में हैं और पिछले साल उन्होंने चौथी बार प्रधानमंत्री पद संभाला था।
प्रदर्शनकारियों की नाराजगी का प्रमुख कारण सरकार में कथित भ्रष्टाचार के अलावा रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे हैं। आंदोलन अब राजधानी से बाहर दूसरे शहरों तक फैलने के कारण सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
गर्मियों में भी हुए थे सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
अल्बानिया में मौजूदा अशांति की पृष्ठभूमि में गर्मियों के दौरान हुए कई महीनों के विरोध प्रदर्शन भी शामिल हैं। उस समय ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे थे। उनका मुख्य विरोध एक महंगी तटीय विकास परियोजना को लेकर था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर का समर्थन प्राप्त है।
अब प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग, भ्रष्टाचार के आरोप और सामाजिक-आर्थिक समस्याओं को लेकर विरोध तेज हो गया है। तिराना समेत कई शहरों में जारी प्रदर्शनों के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
