October 12, 2026

सपा के साथ गठबंधन पर इमरान मसूद का दोटूक संदेश, बोले- कांग्रेस मजबूती से लड़ेगी चुनाव, पार्टी को खड़ा करना मेरी पहली प्राथमिकता

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उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने गठबंधन की रणनीति और पार्टी की चुनावी तैयारियों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन यह समझौता सम्मानजनक होना चाहिए। पार्टी ऐसा कोई समझौता नहीं करेगी जिससे यह संदेश जाए कि कांग्रेस ने आत्मसमर्पण कर दिया है। मसूद के मुताबिक कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाने का लक्ष्य रखेगी।
लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय में 11 अक्टूबर को पदभार ग्रहण समारोह के दौरान हुए हंगामे पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की खबरें सामने आई थीं। इस विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में मसूद ने कहा कि कभी-कभी कार्यकर्ताओं से गलतियां हो जाती हैं। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। मसूद ने कहा कि पिछले चुनाव में अजय राय ने मेहनत करके पार्टी को खड़ा करने का काम किया था और उनके योगदान को किसी भी स्थिति में कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं पर मसूद ने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला पार्टी का नेतृत्व करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की कोशिश सम्मानजनक समझौते की है ताकि गठबंधन मजबूत बना रहे। सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग चर्चाओं के बीच उन्होंने किसी निश्चित आंकड़े पर मुहर नहीं लगाई। मसूद के अनुसार अभी बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़नी है और उम्मीदवारों की सूची को लेकर भी समाजवादी पार्टी की ओर से कोई औपचारिक मांग नहीं की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अक्टूबर के आखिर तक सूची को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि यदि गठबंधन नहीं हुआ तो क्या कांग्रेस सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह की संभावना पर विचार करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक गठबंधन कायम है और पार्टी इसी आधार पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल कांग्रेस के लिए अनुकूल है और पार्टी 2027 में मजबूत प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस केवल दो सीटों पर सिमट गई थी। इस बार पार्टी के लक्ष्य पर बोलते हुए मसूद ने कहा कि राजनीति में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं। उन्होंने दिल्ली की राजनीति और आम आदमी पार्टी के पिछले चुनावी प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक नैरेटिव चुनाव के नतीजों पर असर डाल सकता है। मसूद का दावा है कि राहुल गांधी ने देशभर में जिस तरह का नैरेटिव खड़ा किया है उससे कांग्रेस की स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी भी राहुल गांधी के साथ खड़े हैं।
इमरान मसूद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता किसी सरकारी पद या मुख्यमंत्री अथवा उपमुख्यमंत्री बनने की नहीं है। उन्होंने कहा कि वह किसी पद के उम्मीदवार नहीं हैं और उनका काम संगठन को मजबूत करना तथा पार्टी को चुनाव के लिए तैयार करना है। कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने इसे पार्टी का भरोसा बताया और कहा कि वह इस उम्मीद पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। टिकट वितरण में अपनी भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि इसका फैसला भी पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
मसूद ने कांग्रेस की राजनीति पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उनके अनुसार अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को मजबूत करना और आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है। ऐसे में कांग्रेस और सपा के बीच सीटों के बंटवारे पर होने वाली बातचीत आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति की अहम कड़ी बन सकती है।
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