October 12, 2026

बायोकॉन लिमिटेड को 3.2 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी नोटिस, एफडीए भी शाहरुख खान समेत अभिनेताओं को सुनवाई का देगा मौका

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नई दिल्ली ।बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी बायोकॉन लिमिटेड को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 3.2 करोड़ रुपये से अधिक का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) नोटिस मिला है। इसमें कर की बकाया राशि के साथ ब्याज और जुर्माना भी शामिल है। कंपनी को यह नोटिस आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम-2 स्थित जीएसटी कार्यालय से जारी किया गया है। कंपनी ने इस संबंध में शेयर बाजार को जानकारी देते हुए बताया कि नोटिस में कुल देनदारी के रूप में 3.2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इस आदेश का उसके वित्तीय और परिचालन कामकाज पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है।

नोटिस में 1.85 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में, 1.17 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में और 18.52 लाख रुपये जुर्माने के रूप में शामिल हैं। कर विभाग की ओर से कंपनी पर कई तरह की अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इनमें विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी एसईजेड को की गई जीरो-रेटेड आपूर्ति के संबंध में जरूरी एंडोर्समेंट दस्तावेज जमा नहीं करना शामिल है। इसके अलावा इनपुट टैक्स के गलत रिवर्सल और इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन क्रेडिट के दावों में अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।

जीरो-रेटेड आपूर्ति के तहत कुछ निर्धारित परिस्थितियों में वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति पर कर का प्रभाव अलग होता है। ऐसे मामलों में संबंधित दस्तावेजों और कर संबंधी नियमों का पालन महत्वपूर्ण होता है। बायोकॉन को मिले नोटिस में इन्हीं प्रक्रियाओं से संबंधित कथित कमियों को आधार बनाया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश के खिलाफ सुधार याचिका दाखिल करने या अपील करने की तैयारी कर रही है। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि इस मामले का उसके वित्तीय या परिचालन प्रदर्शन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

इसी बीच, महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने प्रतिबंधित उत्पादों के अप्रत्यक्ष विज्ञापन से जुड़े मामले में संबंधित अभिनेताओं से जवाब प्राप्त होने की जानकारी दी है। विभाग ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ सहित कुछ अभिनेताओं से प्रतिबंधित तंबाकू संबंधी उत्पादों के प्रचार को लेकर जवाब मांगा था। इन अभिनेताओं को भेजे गए नोटिस के बाद विभाग को उनके जवाब मिल गए हैं। अब आगे की कार्रवाई से पहले सभी संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का एक और अवसर दिया जाएगा।

महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग आगे कोई निर्णय लेने से पहले संबंधित लोगों को सुनवाई का एक और मौका देगा। उन्होंने विज्ञापन करने वाले लोगों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके प्रचार अभियान कानून के अनुरूप हों। विभाग का रुख है कि किसी उत्पाद का विज्ञापन करते समय लागू कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना जरूरी है।

मुंडे ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 तथा वर्ष 2018 के विज्ञापन नियमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विज्ञापन संबंधी नियम सभी खाद्य उत्पादों पर लागू होते हैं। यदि कोई व्यक्ति या कारोबारी इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समझें।

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