September 26, 2026

आदि कैलाश और ओम पर्वत पर सीजन की पहली बर्फबारी

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Barffari- snowfall
  • बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी से कड़ाके की ठंड

देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में शुक्रवार दोपहर से लगातार हो रही है बारिश के साथ मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। उच्च हिमालयी व्यास घाटी के आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में शीतकाल की पहली बर्फबारी हुई। नाभीढांग, गुंजी और कुटी समेत 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के साथ बारिश शुरू हो गई। बर्फबारी के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। इधर बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी हुई है।

सामने आई जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब चार बजे से क्षेत्र में समय समय पर हल्की बर्फबारी के साथ बारिश हो रही है। वहीं बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। नाभीढांग क्षेत्र की ऊंचाई करीब 14 हजार फीट बताई गई है।

गुंजी क्षेत्र में भी हल्की बर्फबारी और बारिश हो रही है। उनके अनुसार 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले गांवों में बर्फ गिर रही है। मौसम में अचानक आए बदलाव से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड का असर तेजी से बढ़ने लगा है।
– होशियार रावत, प्रबंधक केएमवीएन गुंजी

आदि कैलाश की चोटियों और आसपास के पहाड़ों में बर्फ पड़ चुकी है। बारिश और बर्फबारी के बाद क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई है।
– कुंवर सिंह कुटियाल, होम स्टे संचालक कुटी गांव

आज आदि कैलाश यात्रा पर रोक
आदि कैलाश यात्रा के लिए इन दिनों व्यास घाटी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में मौसम में अचानक आए बदलाव से उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ ही निचली घाटी में भी मौसम बदला है। धारचूला नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में उच्च हिमालय से करीब एक घंटे बाद हल्की बारिश शुरू हो गई। दिन में मौसम में बदलाव के बाद शाम होते-होते बारिश ने जोर पकड़ना शुरू किया। मौसम के इस बदलाव से सीमांत क्षेत्र में तापमान गिरने लगा है।

आज – स्कूलों में छुट्टी:
बारिश की चेतावनी को देखते हुए धारचूला तहसील प्रशासन द्वारा शनिवार को इनर लाइन परमिट जारी नहीं किए जाएंगे। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि 20 सितंबर से 25 सितंबर तक कुल 2783 परमिट जारी हो चुके हैं। जिले में लगातार हो रही है बारिश को देखते हुए आज शनिवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बारिश के जनजीवन प्रभावित हो गया है।

पिथौरागढ़ जिले की बंद सड़कें

घाट पिथौरागढ़ मोटर मार्ग, धारचूला तवाघाट मोटर मार्ग, तवाघाट गुंजी मोटर मार्ग, ड्योरा बारमू मोटर मार्ग, देविचौना से जमतडी मोटर मार्ग, बड़ाबे तोली शिलिंगिया मोटर मार्ग, सोबला उमचिया मोटर मार्ग, एलागाड़ जुम्मा मोटर मार्ग, घापाबैण्ड बुई पातों मोटर मार्ग, देविसौना गराली कूटा मोटर मार्ग, कंज्योति नारायण आश्रम मोटर मार्ग।

पिथौरागढ़ के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर के अनुसार जिले की सभी तहसीलों में लगातार बारिश के कारण 11 सड़कें बंद हैं. सड़कों को खोलने का कार्य किया जा रहा है. सभी विभागों को अलर्ट मे रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चमोली: बदला मौसम
चमोली जिले में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदली है। जिले के निचले इलाकों में जहां सुबह से बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब में सुबह से ही बर्फबारी देखने को मिल रही है।

बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी

बारिश और बर्फबारी के बाद बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के आसपास का मौसम पूरी तरह बदल गया है. ऊंचाई वाले इलाकों में धुंध और कोहरे की चादर दिखाई दे रही है, जबकि निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में एक बार फिर ठंड की दस्तक महसूस होने लगी है।

बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों और हेमकुंड साहिब में हो रही बर्फबारी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. बर्फ गिरने के बाद दोनों तीर्थस्थलों का नजारा बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहा है। बर्फबारी को देखकर यहां पहुंचे यात्री भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मौसम में हेमकुंड साहिब में दूसरी बार बर्फबारी हुई है। वहीं बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा भी जारी है।

इस बर्फबारी के कारण जहां धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 26 से 28 सितंबर तक मानसून गतिविधि की चेतावनी दी है। विभाग के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मौजूदा मौसमी प्रणालियों के चलते 26 से 27 सितंबर को पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वर्तमान विश्लेषण के अनुसार दक्षिण ओडिशा व उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब पिछले छह घंटों में 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। 26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत व ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग व अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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