September 26, 2026

UN में पाकिस्तान की हार को जीत बता रहे थे शहबाज, भारतीय दूत की छूट गई हंसी, वीडियो वायरल

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नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की ओर से इसे अपनी सफलता के तौर पर पेश किया। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संघर्ष रोकने में कथित ‘समय पर हस्तक्षेप’ के लिए धन्यवाद भी दिया। शहबाज के भाषण के दौरान वहां मौजूद भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास का रिएक्शन कैमरे में कैद हो गया और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

शहबाज ने ट्रंप को दिया ‘क्रेडिट’

शुक्रवार को UNGA में अपने करीब 23 मिनट के संबोधन में शहबाज शरीफ ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘समय पर हस्तक्षेप’ से दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बची।

शरीफ ने ट्रंप के ‘दृढ़तापूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व’ के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने दावा किया कि अगर ट्रंप उस समय हस्तक्षेप नहीं करते तो हालात और गंभीर हो सकते थे।

हालांकि, भारत लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए किसी तीसरे पक्ष ने मध्यस्थता की थी। भारत का कहना है कि संघर्ष विराम को लेकर सहमति दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क के बाद बनी थी।

भारतीय राजनयिक का रिएक्शन कैमरे में कैद

शहबाज शरीफ जब 2025 के संघर्ष को लेकर पाकिस्तान का पक्ष रख रहे थे, उसी दौरान सभा में मौजूद भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास की प्रतिक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में उनका हंसना नजर आया।

शहबाज ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया को दोबारा 2025 जैसी स्थिति में जाने से रोकने के लिए कश्मीर मुद्दे का ‘न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान’ जरूरी है।

भारत संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी दावों को खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

सिंधु जल संधि का भी उठाया मुद्दा

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में सिंधु जल संधि का भी जिक्र किया। उन्होंने भारत के इस फैसले पर आपत्ति जताई कि 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को ‘अबेयांस’ में रखने का फैसला किया था।

भारत का रुख है कि सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की कार्रवाई से जुड़े सवालों के समाधान तक संधि स्थगित रहेगी। वहीं पाकिस्तान इस फैसले को चुनौती देता रहा है।

शहबाज ने UNGA में भारत की ओर से सिंधु नदी के पानी को लेकर किसी भी कदम को गंभीर परिणामों से जोड़ते हुए चेतावनी भी दी।

कश्मीर पर फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से बात

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कश्मीर मुद्दे को भी अपने भाषण का हिस्सा बनाया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर पर अपनी स्थिति के अनुरूप कार्रवाई की मांग दोहराई और कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देता रहेगा।

भारत का रुख इसके उलट है। नई दिल्ली कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की पाकिस्तान की कोशिशों को खारिज करता रहा है और इसे भारत-पाकिस्तान के बीच का विषय मानता है।

आसिम मुनीर की भी कई बार तारीफ

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का भी कई बार उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कूटनीति के लिए रास्ता बनाने में मुनीर के लगातार प्रयासों की भूमिका रही।

2025 के संघर्ष का जिक्र करते हुए शरीफ ने पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई की भी प्रशंसा की और इसे अपनी ओर से प्रभावी जवाब के तौर पर पेश किया।

भारत देगा ‘राइट टू रिप्लाई’

UNGA में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के भाषण के बाद भारत की ओर से ‘राइट टू रिप्लाई’ के तहत जवाब दिए जाने की प्रक्रिया भी तय है। भारत आमतौर पर पाकिस्तान के नेता के संबोधन के बाद अपने स्थायी मिशन के अपेक्षाकृत युवा राजनयिक को जवाब देने के लिए भेजता है।

इस बार भी पाकिस्तान के कश्मीर, आतंकवाद और सिंधु जल संधि से जुड़े बयानों पर भारत की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

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