भोपाल में गणपति विसर्जन के लिए कड़े इंतजाम, घाटों पर जाना मना, क्रेन और पोकलेन से होगा विसर्जन
भोपाल में डोल ग्यारस से ही गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हो चुका था। पिछले दो दिनों में प्रमुख विसर्जन घाटों पर डेढ़ हजार से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। अब अनंत चतुर्दशी पर सबसे ज्यादा प्रतिमाओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पुलिस और नगर निगम की टीमें घाटों पर तैनात रहेंगी।
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को पानी में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जित कराने के लिए क्रेन और पोकलेन मशीनों की मदद ली जाएगी। प्रशासन की ओर से 13 क्रेन और 12 पोकलेन मशीनों की व्यवस्था की गई है। इन मशीनों के जरिए बड़ी प्रतिमाओं को घाटों पर तय प्रक्रिया के अनुसार विसर्जित कराया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को पानी में जाने से रोकने के साथ हादसों की आशंका को भी कम करने की कोशिश की जा रही है।
शहर के प्रमुख विसर्जन घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। खटलापुरा प्रेमपुरा संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ हथाईखेड़ा डैम शाहपुरा और आर्च ब्रिज सहित कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस कंट्रोल रूम से भी इन प्रमुख स्थानों पर नजर रखी जाएगी। घाटों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौजूद रहेंगी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
नगर निगम ने उन लोगों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की है जो घाटों तक प्रतिमा लेकर नहीं जाना चाहते। शहर में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर मूर्ति संग्रहण स्टॉल लगाए जा रहे हैं। लालघाटी चौराहा गांधी नगर करोंद चौराहा कोलार रायसेन रोड अवधपुरी सहित कई इलाकों में यह व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु पूजा के बाद अपनी गणेश प्रतिमा इन संग्रहण केंद्रों पर जमा कर सकेंगे। इसके बाद नगर निगम इन प्रतिमाओं का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगा।
रात के समय विसर्जन जुलूसों और घाटों पर पर्याप्त रोशनी रहे इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। नगर निगम के अनुसार प्रेमपुरा रानी कमलापति शाहपुरा खटलापुरा हथाईखेड़ा मालीखेड़ी और बैरागढ़ घाटों पर 1090 एलईडी फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। इसके अलावा चल समारोह के मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं।
गणेश विसर्जन को लेकर शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर भीड़ नियंत्रण और रोशनी तक सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है। देर रात तक चलने वाले विसर्जन कार्यक्रम के दौरान प्रशासन का मुख्य जोर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थित तरीके से प्रतिमाओं के विसर्जन पर रहेगा।
