भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त
यह कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के निर्देशन में की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम तड़के तरावली क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पहले उस इलाके की घेराबंदी की जहां जंगल के बीच शराब बनाने का काम चलने की सूचना थी। गांव से काफी दूर सुनसान जगह पर शराब बनाने का ठिकाना बनाया गया था ताकि सामान्य तौर पर वहां लोगों की आवाजाही कम रहे और अवैध गतिविधि की जानकारी आसानी से बाहर न पहुंच सके। आबकारी टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हाथ भट्टी और अन्य संसाधनों को जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ड्रम भी मिले। इनमें कुछ खाली थे जबकि कुछ में शराब बनाने से संबंधित सामग्री मौजूद थी। आबकारी विभाग ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया। विभाग की टीम ने जंगल में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को मौके से बाहर लाया गया। इस दौरान टीम के साथ मौजूद कर्मचारियों ने अवैध शराब बनाने के ठिकाने से जुड़े अन्य सामान को भी कब्जे में लिया।
तरावली क्षेत्र में कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस इलाके में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने और उसकी बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड पर लक्ष्मणपुरा गांव के पास शराब की बिक्री का एक प्रमुख ठिकाना बताया जाता है। इसी रास्ते से तरावली मंदिर की ओर जाने का रास्ता भी है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि तरावली और आसपास के गांवों में तैयार होने वाली शराब को यहां लाकर बेचा जाता है।
बताया जाता है कि लक्ष्मणपुरा क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पन्नियों में शराब की छोटी मात्रा बेची जाती है। इसकी कीमत 10 से 20 रुपए तक बताई जाती है। कम कीमत में शराब उपलब्ध होने के कारण यहां खरीदारी करने वालों की आवाजाही बनी रहती है। आबकारी विभाग पहले भी इस क्षेत्र में कार्रवाई कर चुका है लेकिन स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जाता है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद फिर से अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।
तरावली में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की नजर उन इलाकों पर भी है जहां जंगल या सुनसान स्थानों का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने के लिए किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई से फिलहाल अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप है। अब आगे की कार्रवाई में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जब्त शराब और सामग्री का इस्तेमाल कौन कर रहा था और तैयार की गई शराब को किन इलाकों में खपाया जा रहा था।
