September 20, 2026

त्योहारी सीजन में हवाई किरायों में 100 फीसदी तक उछाल, दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

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नई दिल्ली । देश में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ हवाई यात्रियों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। विमान टिकटों के किराए में अचानक तेज बढ़ोतरी का दावा किया गया है। व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी CTI ने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और विमान कंपनियों के किराए पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की है।

CTI के अनुसार, कुछ दिन पहले जिन घरेलू उड़ानों के टिकट अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध थे, उनके किराए में अब 50 से 100 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। संगठन का कहना है कि त्योहारी मौसम में हवाई यात्रा की मांग बढ़ने वाली है और इसी दौरान किराए में इतनी बड़ी वृद्धि आम यात्रियों, खासकर मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक दबाव बढ़ा रही है।

त्योहारी सीजन गणपति महोत्सव से शुरू होकर दिवाली और छठ पूजा तक जारी रहने वाला है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों तक पहुंचने के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में हवाई यात्रा की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। बढ़ती मांग के बीच टिकटों के दाम में तेज वृद्धि यात्रियों के यात्रा बजट को प्रभावित कर सकती है।

किराए में बढ़ोतरी का असर प्रमुख घरेलू रूटों पर भी बताया गया है। कुछ समय पहले दिल्ली और मुंबई के बीच आने-जाने का हवाई किराया करीब 10 हजार रुपये था, जो अब बढ़कर 18 हजार से 25 हजार रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। इसी तरह दिल्ली-अहमदाबाद रूट पर पहले करीब 10 से 12 हजार रुपये का किराया था, जो अब 18 से 20 हजार रुपये तक बताया जा रहा है।

दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर भी किराए में बड़ा अंतर सामने आया है। पहले जहां आने-जाने का टिकट करीब 12 से 15 हजार रुपये में उपलब्ध था, वहीं अब इसके लिए 30 से 35 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। दिल्ली-कोलकाता रूट पर भी पहले लगभग 11 हजार रुपये का किराया था, जो अब करीब 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है।

CTI ने विमान कंपनियों की क्षमता में कमी का मुद्दा भी उठाया है। संगठन के मुताबिक, सितंबर में घरेलू उड़ानों की सीट क्षमता में 5.6 फीसदी की कमी आई है। इसमें इंडिगो की क्षमता 4.5 फीसदी और एयर इंडिया की 8.8 फीसदी कम होने का दावा किया गया है। CTI का कहना है कि बड़ी विमान कंपनियों के पास घरेलू बाजार का बड़ा हिस्सा होने के कारण सीटों की उपलब्धता में कमी का सीधा असर किराए पर पड़ता है।

इसके अलावा छोटे बच्चों के हवाई किराए में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया गया है। CTI के मुताबिक, तीन दिन से दो साल तक के बच्चों का शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि इस आयु वर्ग के बच्चों को अलग सीट उपलब्ध नहीं कराई जाती।

CTI ने सरकार से मांग की है कि त्योहारी सीजन में यात्रियों को राहत देने के लिए विमान कंपनियों के किराए की स्थिति की तत्काल समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएं।

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