राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में मोदी की मिमिक्री पर विवाद, बीजेपी ने बुजुर्ग महिला और मां के अपमान का लगाया आरोप
कार्यक्रम के दौरान की गई मिमिक्री का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा और संवेदनशीलता से जोड़ते हुए सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की आलोचना की।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां के अपमान और मजाक के लिए किया गया। जोशी ने इसे मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि मां को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी की मौजूदगी में हुए इस मंचीय कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री से जुड़े निजी और पारिवारिक संदर्भों को मजाक का हिस्सा बनाया गया।
वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बीजेपी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की मां से संबंधित कोई बात नहीं हुई। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की मां का उल्लेख नहीं किया और लगाए जा रहे आरोपों में तथ्य नहीं हैं। तिवारी ने आरोप लगाने से पहले पूरे मामले को सही तरीके से देखने की बात कही।
विवाद के बीच राहुल गांधी ने इंदौर कार्यक्रम में उठाए गए छात्रों के मुद्दों को भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि एक छात्रा ने उनसे सवाल किया कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, लेकिन छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने के लिए क्यों नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि गांवों से शहरों में पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलने पर पीजी में रहना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि किराए और सुरक्षित आवास का खर्च अधिक होने के कारण कई छात्राओं के लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाता है। कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का यह पांचवां संस्करण था। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इंदौर में एक छात्रा ने सरकारी परीक्षाएं पास करने के बावजूद ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के कारण नियुक्ति रुकने का मुद्दा उठाया। वहीं एक छात्र ने MPPSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने पर कार्रवाई होने की बात कही। इस बीच मोदी की मिमिक्री को लेकर शुरू हुआ विवाद कार्यक्रम के अन्य छात्र मुद्दों पर भारी पड़ता दिखाई दिया।
